UP MLC Election 2026 News: उत्तर प्रदेश में आगामी दिसंबर 2026 में होने वाले 11 विधान परिषद (MLC) सीटों के चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने पत्ते खोल दिए हैं. रविवार शाम केंद्रीय चुनाव समिति की हरी झंडी मिलने के बाद पार्टी के महासचिव अरुण कुमार सिंह ने 5 प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी. भाजपा ने इस बार कोई नया प्रयोग न करते हुए अपने सभी मौजूदा विधान परिषद सदस्यों को ही दोबारा मैदान में उतारा है. इस लिस्ट में 2 स्नातक और 3 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार शामिल हैं. गौरतलब है कि इन प्रत्याशियों को करीब 6 महीने पहले ही हरी झंडी मिलने का इशारा मिल गया था, जिसके बाद से ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता बनाने और चुनावी कार्यालय खोलने की तैयारियों में जुटे हुए थे. दूसरी तरफ, लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ने वाली समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इस MLC चुनाव में अलग-अलग राह पर हैं और दोनों ही दल महीनों पहले अपने उम्मीदवारों का एलान कर चुके हैं.
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जानिए भाजपा के इन 5 प्रत्याशियों का सियासी समीकरण
भाजपा ने सोशल इंजीनियरिंग और क्षेत्रीय पकड़ को ध्यान में रखते हुए अपने पुराने चेहरों को ही फिर से मौका दिया है:
1- इंजीनियर अवनीश सिंह पटेल (लखनऊ स्नातक): इन्हें जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का करीबी माना जाता है. कुर्मी समाज में अच्छी पैठ रखने वाले अवनीश के जरिए भाजपा इस वर्ग में एक नया नेतृत्व तैयार कर रही है.
2- डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह गुरुजी (आगरा स्नातक): 'गुरुजी' के नाम से मशहूर डॉ. मानवेंद्र मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले हैं. एबीवीपी से अपना सियासी सफर शुरू करने वाले मानवेंद्र ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की अल्पसंख्यक शिक्षा नेशनल मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य हैं.
3- डॉ. हरि सिंह ढिल्लो (बरेली-मुरादाबाद शिक्षक): अमरोहा के रहने वाले डॉ. हरि सिंह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी के समधी हैं. वित्त विहीन शिक्षकों के बड़े नेता होने के साथ-साथ सिख और जाट सिख समुदाय में इनका अच्छा प्रभाव है.
4- उमेश कुमार द्विवेदी (लखनऊ शिक्षक): वित्त विहीन शिक्षकों के अधिकारों के लिए आंदोलन करने वाले उमेश कुमार द्विवेदी की इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ है. इसके साथ ही वे ब्राह्मण समाज के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाते रहे हैं.
5- श्रीचंद शर्मा (मेरठ शिक्षक): कई शिक्षण संस्थानों के प्रबंधक और ब्राह्मण समाज के कद्दावर नेता श्रीचंद शर्मा ने साल 2020 के चुनाव में बड़ा उलटफेर किया था. उन्होंने इस सीट पर पिछले 48 सालों से अजेय रहे शिक्षक दल के दिग्गज नेता ओम प्रकाश शर्मा को 4,232 वोटों से हराकर उनके वर्चस्व को खत्म किया था.
विधान परिषद की मौजूदा स्थिति और सीटों का गणित
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (उच्च सदन) की बात करें तो वर्तमान में कुल 100 सीटों में से भाजपा के पास 79 और मुख्य विपक्षी दल सपा के पास 10 सदस्य हैं. भाजपा के सहयोगी दलों में अपना दल (एस), रालोद, निषाद पार्टी और सुभासपा के पास 1-1 सीट है. इसके अलावा जनसत्ता दल लोकतांत्रिक का 1, शिक्षक दल (गैर राजनीतिक) का 1, निर्दलीय समूह के 2 और 2 अन्य निर्दलीय सदस्य हैं, जबकि 1 पद रिक्त चल रहा है. आगामी दिसंबर में जिन 11 शिक्षक और स्नातक सीटों पर मतदान होना है, उनमें से मौजूदा वक्त में 6 सीटों पर भाजपा और 3 सीटों पर सपा का कब्जा है. बाकी दो सीटों पर शिक्षक दल (गैर राजनीतिक) और निर्दलीय सदस्य काबिज हैं.
समाजवादी पार्टी ने 3 मौजूदा MLC समेत 10 उम्मीदवार उतारे
मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) करीब 7 महीने पहले ही अपने 10 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है. सपा ने अपने तीन मौजूदा परिषद सदस्यों पर फिर से भरोसा जताया है, जिनमें मिर्जापुर-वाराणसी शिक्षक खंड से लाल बिहारी यादव, इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड से मान सिंह यादव और वाराणसी-मिर्जापुर स्नातक खंड से आशुतोष सिन्हा शामिल हैं. इनके अलावा सपा ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक खंड से कमलेश, लखनऊ स्नातक खंड से कांति सिंह, मेरठ-सहारनपुर स्नातक सीट से प्रमेंद्र भाटी, आगरा-अलीगढ़ खंड से डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता, बरेली-मुरादाबाद खंड से हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर, आगरा खंड से शशांक यादव और मेरठ-ग्यादाबाद खंड से नितिन कुमार तोमर को अपना प्रत्याशी बनाया है.
कांग्रेस ने उतारे 5 प्रत्याशी, बसपा ने अभी नहीं खोले पत्ते
अमूमन स्थानीय निकाय और शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनावों से दूरी बनाने वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने इस बार भी अपने पत्ते नहीं खोले हैं. माना जा रहा है कि बसपा सामान्य तौर पर उम्मीदवार नहीं उतारेगी, लेकिन किसी सीट पर राजनीतिक समीकरण अनुकूल दिखने पर ऐन वक्त पर फैसला ले सकती है. वहीं, सपा से अलग चुनाव लड़ रही कांग्रेस ने काफी पहले ही अपनी 5 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए थे. कांग्रेस के टिकट पर अरविंद सिंह पटेल (वाराणसी), रघुराज सिंह पाल (आगरा), डॉ. देवमणि तिवारी (लखनऊ), विक्रांत वशिष्ठ (मेरठ-सहारनपुर) और संजय राय प्रियदर्शी (वाराणसी शिक्षक MLC) चुनावी समर में भाग्य आजमा रहे हैं.
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