Ram Mandir Case: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब एक बड़े सियासी तूफान में बदल चुका है. इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ बेहद तीखा मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में सिर्फ कुछ इस्तीफे दिलवाकर 'लीपापोती' की जा रही है, ताकि इस घोटाले के पीछे बैठे असली चेहरों को बचाया जा सके.
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने साफ कहा कि अयोध्या के प्रभु श्री राम मंदिर में चंदे की चोरी देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था के साथ एक 'गंभीर विश्वासघात' है. कांग्रेस अब इस मुद्दे को लेकर आर-पार के मूड में नजर आ रही है.
'सुप्रीम कोर्ट के जज करें जांच'
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,
"उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी पर जनता भरोसा नहीं करती है. मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र रूप से होनी चाहिए. राम मंदिर के लिए मिले नकद और वस्तु रूप में चंदे का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ें."
जयराम रमेश ने कांग्रेस की तरफ से मांग दोहराई कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तुरंत भंग किया जाए. उन्होंने कहा कि इसकी जगह एक नया ट्रस्ट बने, जिसमें देश के शंकराचार्य, धर्माचार्य, संत और धार्मिक प्रतिनिधि शामिल हों. साथ ही, राम मंदिर को मिले पाई-पाई के कैश और सामान का पूरा हिसाब जनता के सामने सार्वजनिक किया जाए.
'बीजेपी-आरएसएस ने मंदिर प्रशासन पर अवैध कब्जा कर लिया है'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भी सरकार को जमकर घेरा. गहलोत ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस ने दशकों तक राम मंदिर आंदोलन चलाया और इसी के दम पर वे सत्ता में आए, लेकिन आज आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है.
गहलोत ने तंज कसते हुए कहा,
"आपकी डबल इंजन की सरकार है और फिर आप कहते हैं कि यह महज एक लापरवाही है? पहले इन्होंने कहा कि कुछ हुआ ही नहीं, फिर एसआईटी बनाई, फिर एफआईआर दर्ज हुई और अब इस्तीफे हो रहे हैं. यह सब पूरे मामले को दबाने की कोशिश है. इनका 'चाल, चरित्र और चेहरा' जनता के सामने आ चुका है. बीजेपी-आरएसएस ने मंदिर प्रशासन पर अनधिकृत कब्जा कर लिया है."
ट्रस्ट ने माना- 'यह गहरी पीड़ा और शर्म की बात'
एक तरफ जहां कांग्रेस हमलावर है, वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने माना है कि दान पेटी से चोरी होना ट्रस्ट के लिए 'गहरी पीड़ा और शर्म की बात' है. हालांकि, उन्होंने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि वे बेदाग हैं, बस उन्होंने गलत लोगों पर भरोसा कर लिया.
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