कौन है टिन्नू यादव? जिसका नाम आते ही बुरी तरह भड़के अखिलेश, निशिकांत दुबे को पोस्ट हटाने के लिए दी 10 मिनट की मोहलत

यूपी तक

• 12:41 PM • 07 Jul 2026

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने पोस्ट हटाने की चेतावनी देते हुए एफआईआर दर्ज कराने की बात कही. विवाद अयोध्या डोनेशन केस के आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव को लेकर किए गए दावों से जुड़ा है, जिस पर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं.

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UP News: उत्तर प्रदेश की सियासत में सोशल मीडिया पर एक नया संग्राम छिड़ गया है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मामला अयोध्या डोनेशन केस के आरोपी रामशंकर उर्फ तिन्नू यादव से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट का है, जिस पर अखिलेश बेहद आक्रामक नजर आ रहे हैं.

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अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए निशिकांत दुबे को अपनी 'झूठी' पोस्ट हटाने के लिए अल्टीमेटम दे दिया. उन्होंने साफ कहा कि अगर पोस्ट तुरंत डिलीट नहीं की गई तो भाजपा सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.

लेकिन आखिर निशिकांत दुबे ने ऐसा क्या लिख दिया जिससे अखिलेश यादव इस कदर नाराज हो गए? और कौन है यह टिन्नू यादव, जिसके तार अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े हैं? आइए जानते हैं...

'10 मिनट में पोस्ट हटाओ, वरना एफआईआर'

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर निशिकांत दुबे को टैग करते हुए लिखा, 

"जितना सत्तापक्ष के सांसद को संसदीय विशेषाधिकार प्राप्त हैं, उतना ही विपक्ष के सांसद को भी हैं. भगवान राम की गरिमा, सामाजिक मर्यादा, शिष्टता और संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए, हम भाजपा सांसद को इस झूठी पोस्ट को डिलीट करने के लिए 10 मिनट का समय देते हैं. अन्यथा, उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी."

अखिलेश यहीं नहीं रुके. उन्होंने उन सभी लोगों को चेतावनी दी जिन्होंने इस तरह के आरोपों को शेयर किया है. सपा प्रमुख ने कहा कि ऐसे लोग या तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगें या कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "भजपा नेता किसी के सगे नहीं हैं. जब सालों तक कोर्ट के चक्कर काटने पड़ेंगे तो कोई बचाने नहीं आएगा. जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे."

पीडीए को बदनाम करने की साजिश?

अखिलेश यादव का आरोप है कि भाजपा और उसके समर्थक समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सोशल गठबंधन को बदनाम करने के लिए जानबूझकर 'द्वेषपूर्ण झूठ' फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि पूरा पीडीए समुदाय एकजुट होकर इसका करारा जवाब देगा. अखिलेश ने आरोप लगाया कि 'दान चोरों का गैंग' जनता के गुस्से के डर से छुपा हुआ है और विपक्ष के खिलाफ साजिश रच रहा है.

निशिकांत की किस पोस्ट पर भड़के अखिलेश यादव? 

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर रामशंकर उर्फ तिन्नू यादव को अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी का करीबी बताने की कोशिश की थी. इसी बात पर अखिलेश भड़क गए और 10 मिनट वाली चेतावनी दे डाली.

कौन है आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव को अयोध्या डोनेशन चोरी की साजिश का मुख्य चेहरा माना जा रहा है.

  • टिन्नू यादव की शुरुआत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पर्सनल ड्राइवर के तौर पर हुई थी.
  • धीरे-धीरे वह ट्रस्ट का भरोसेमंद बन गया और मंदिर प्रशासन से लेकर वीआईपी मैनेजमेंट तक का काम देखने लगा.
  • पुलिस का दावा है कि टिन्नू के पास दान-पेटी और डोनेशन काउंटिंग रूम की चाबियां थीं, जिसका फायदा उठाकर उसने गिनती की प्रक्रिया में हेरफेर किया.

इस पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आया जब टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव सामने आईं. पूनम ने दावा किया कि उनके पति पूरी तरह बेगुनाह हैं. उन्हें सिर्फ इसलिए फंसाया जा रहा है ताकि 'कुछ बड़े और रसूखदार लोगों' को बचाया जा सके. अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई क्या मोड़ लेती है और सोशल मीडिया की यह जंग अदालत तक पहुंचती है या नहीं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.