Nitin Nabin in Lucknow: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय लखनऊ प्रवास के दौरान बैठकों का दौर चला जिसमें संगठन विस्तार, चुनावी अभियानों और गठबंधन के समन्वय पर गहन मंथन हुआ. भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी पदाधिकारियों को साफ लहजे में चेतावनी दी है कि जनता के बीच नियमित प्रवास अनिवार्य है और जो ऐसा नहीं कर सकते, वे पद छोड़ दें. इसके साथ ही होटल ताज में आयोजित एनडीए के सहयोगी दलों की बैठक में 2017 के ऐतिहासिक चुनावी प्रदर्शन को दोहराने और विपक्ष के नकारात्मक एजेंडे का मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प लिया गया.
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हर महीने देनी होगी प्रवास की रिपोर्ट
प्रवास के पहले दिन भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित सांगठनिक बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और मोर्चा अध्यक्षों के लिए हर महीने नियमित प्रवास अनिवार्य होगा. सभी पदाधिकारी को हर महीने जनता के बीच जाकर किए गए प्रवास की रिपोर्ट साक्ष्यों के साथ संगठन महामंत्री को सौंपनी होगी.
नितिन नवीन ने निर्देश दिया कि यूजीसी से जुड़े मुद्दों और राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण जैसे विषयों पर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का जनता के बीच जाकर आक्रामक और तथ्यात्मक तरीके से प्रतिवाद किया जाए.
सांसदों-विधायकों को नसीहत
होटल ताज में सांसदों और विधायकों की बैठक के दौरान नितिन नवीन ने जनप्रतिनिधियों को आपसी विवादों से दूर रहने और बेहतर समन्वय के साथ काम करने की सलाह दी. उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण का सबसे बड़ा पैमाना जनप्रतिनिधियों का परफॉर्मेंस और जनता के बीच उनकी साफ-सुथरी छवि होगी. इसके बाद आयोजित प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में आगामी चुनावी अभियानों और रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई.
पूर्व अध्यक्षों के साथ चाय पर चर्चा और जातीय समीकरणों का फीडबैक
दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत नितिन नवीन ने सूबे के पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्षों के साथ चाय पर बैठक से की. इस बैठक में राज्य की सभी विधानसभा सीटों के जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर विस्तृत फीडबैक लिया गया. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर मुखर रहने वाले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार इस बैठक में उपस्थित नहीं थे.
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा 2027 में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी. यूपी की जनता गुंडा राज, माफिया राज या दंगे नहीं बल्कि विकास और सुशासन चाहती है. अगर सपा सत्ता में आई तो वह लोगों को डराएगी और जमीन हड़पने का सिलसिला फिर शुरू हो जाएगा. अगले 21 वर्षों तक सपा सत्ता के आसपास भी नहीं होगी.'
सीट शेयरिंग पर सस्पेंस बरकरार
दूसरे दिन होटल ताज में एनडीए के प्रमुख घटक दलों- निषाद पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोक दल और अपना दल (सोनेलाल) के नेताओं के साथ उच्च स्तरीय बैठक हुई. बैठक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मीडिया से कहा 'भारतीय जनता पार्टी चुनाव लड़ने में पूरी तरह सक्षम है. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि एनडीए के सभी घटक दल उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए मिलकर काम करते रहें.'
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में गठबंधन को मजबूत करने और धरातल पर कार्यकर्ताओं के तालमेल को बेहतर करने पर चर्चा हुई. लेकिन सीट बंटवारेको लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई.
सहयोगी दलों ने जताया जीत का भरोसा
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने कहा कि 2027 में एनडीए सत्ता बरकरार रखेगा. उन्होंने सीट फॉर्मूले पर बात करते हुए कहा 'फॉर्मूला सीधा है. गठबंधन का जो उम्मीदवार सबसे मजबूत और सीट जीतने में सक्षम होगा, उसे मैदान में उतारा जाएगा.' पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी लोकसभा चुनाव के बाद उपचुनावों में बीजेपी की क्लीन स्वीप का जिक्र करते हुए 2017 से भी बड़े जनादेश का भरोसा जताया.
निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि चर्चा का मुख्य फोकस इस बात पर था कि कैसे सभी सहयोगी दल एक-दूसरे के पूरक बनकर कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर संगठनात्मक तालमेल बना सकते हैं. सीट बंटवारे पर उन्होंने कहा कि यह भविष्य का विषय है और उन्हें आगे भी सम्मानजनक सीटें मिलने की उम्मीद है.
अपना दल (एस) नेता आशीष पटेल ने कहा कि अपना दल शुरुआत से ही एनडीए के साथ पूरी मजबूती से खड़ा रहा है और आगामी चुनाव से पहले भाजपा और सहयोगियों के बीच समन्वय को और बेहतर करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है.
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