Sanjay Nishad: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो जालौन जिले के कालपी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान का है. इस वीडियो में संजय निषाद अपने ही पार्टी के एक कार्यकर्ता पर बुरी तरह भड़कते हुए दिखाई दिए. उन्होंने भरे मंच से कार्यकर्ता को डांटते हुए कहा कि 'संगठन में काम तुम नहीं, तुम्हारा बाप करेगा.' इस घटना के बाद से निषाद पार्टी के कार्यकर्ता काफी आहत हैं. हालांकि इसके साथ ही वीडियो वायरल होने के कारण संजय निषाद की राजनीतिक मुश्किलें भी बढ़ गई हैं.
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मंच पर मंत्री का फूटा गुस्सा
जालौन जिला में एक कार्यक्रम के दौरान जब कार्यकर्ता मंच पर स्वागत कर रहे थे, तभी संजय निषाद अचानक गुस्सा हो गए. वायरल वीडियो में वह साफ तौर पर कहते हुए नजर आ रहे हैं कि 'काम तुम नहीं करोगे, तुम्हारा बाप करेगा.' इसके अलावा उन्होंने मंच से यह भी कहा कि 'कुछ दलालों और चंद पैसों के लालच के कारण पिछली बार जीती हुई सीट भी हार गए थे.'
बयान से भावुक हुए भरत निषाद
जिस कार्यकर्ता को मंत्री जी ने फटकार लगाई है, उनका नाम भरत निषाद है. वह पार्टी के प्रदेश सचिव भी हैं. इस घटना के बाद वह काफी भावुक हो गए हैं. उन्होंने नम आंखों से कहा कि 'हमने अपना परिवार छोड़कर और मेहनत-मजदूरी करके बुंदेलखंड में पार्टी को खड़ा किया है. हमने कभी भूखे सोने की शिकायत नहीं की है. उन्हें हमेशा उन्हें अपना गुरु माना है, लेकिन उनके इस अपमानजनक शब्द से बहुत ठेस पहुंची है.'
सपा को मिल सकता है फायदा
संजय निषाद की इस तरह की बयानबाजी से उनका अपना निषाद वोट बैंक खिसक सकता है. समाजवादी पार्टी पहले ही निषाद पार्टी को सिर्फ 'बाप-बेटे की पार्टी' बता चुकी है. सपा लोकसभा चुनाव में निषाद समुदाय के दो नेताओं को सांसद बना चुकी है. इसके साथ ही फूलन देवी की बहन रुक्मणी देवी को भी पार्टी में बड़ा पद दिया है. ऐसे में कार्यकर्ताओं की नाराजगी सपा के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.
गठबंधन में भी बढ़ रहीं मुश्किलें
संजय निषाद के लिए चुनौतियां सिर्फ पार्टी के अंदर ही नहीं हैं, बल्कि एनडीए गठबंधन में भी मुश्किलें नजर आ रही हैं. सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर उन सीटों पर भी अपना दावा ठोक रहे हैं, जहां से पहले निषाद पार्टी चुनाव लड़ चुकी है. आजमगढ़ और जौनपुर जैसी सीटों पर पेंच फंसा हुआ है. ऐसे में इस तरह के वायरल वीडियो और कार्यकर्ताओं की नाराजगी गठबंधन के अंदर संजय निषाद की ताकत को कम कर सकती है.
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