पूर्वांचल में राजभर वोट पर अखिलेश यादव की नजर! SP ने तैयार किया ये मास्टर प्लान, बदल सकते हैं समीकरण

रजत सिंह

• 12:23 PM • 03 Jul 2026

Akhilesh Yadav vs OP Rajbhar: 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल की राजनीति गरमा गई है. ओम प्रकाश राजभर लगातार सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव पर हमलावर हैं. तो वहीं राजभर वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए अखिलेश यादव भी रणनीति पर काम कर रहे हैं. सपा से सीमा राजभर को चुनावी मैदान में उतारने की चर्चा ने सियासी हलचल को तेज कर दी है.

Akhilesh Yadav and Om Prakash Rajbhar

Akhilesh Yadav and Om Prakash Rajbhar (Photo: AI Generated)

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Akhilesh Yadav vs OP Rajbhar: पूर्वांचल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर लगातार अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साध रहे हैं. वह इन दिनों अखिलेश यादव को लेकर कई व्यंग्यात्मक पोस्ट कर रहे हैं. हालांकि, अखिलेश यादव इन बातों का सीधा जवाब देने के बजाय पूर्वांचल में राजभर को उनके ही गढ़ में घेरने के लिए एक बड़ी राजनीतिक तैयारी कर रहे हैं.

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अखिलेश की राजभर वोटर्स पर नजर

ओम प्रकाश राजभर को टक्कर देने के लिए अखिलेश यादव ने राजभर वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति तैयार की है. इसके लिए अखिलेश यादव सपा की महिला सभा की अध्यक्ष सीमा राजभर को आगे कर सकते हैं. माना जा रहा है कि सीमा राजभर को बलिया जिले की सामान्य सीट बांसडीह से चुनाव लड़वाया जा सकता है. इस सीट पर राजभर और यादव मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है, जो चुनाव में एक बड़ा बदलाव ला सकती है.

राजभर की सीटों पर सपा की रणनीति

अखिलेश यादव की योजना है कि जहां से भी ओम प्रकाश राजभर अपनी पार्टी के उम्मीदवार उतारेंगे, सपा वहां उनके खिलाफ मजबूत राजभर प्रत्याशी उतारेगी. आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ और जौनपुर जैसे जिलों में राजभर मतदाता बड़ी संख्या में हैं. ऐसे में सीमा राजभर जैसे नेताओं को चुनाव के मैदान में उतारकर अखिलेश एक बड़ा संदेश देने की कोशिश कर सकते हैं.

अतरौलिया सीट पर राजभर की टेंशन

ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरुण राजभर आजमगढ़ की अतरौलिया सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. लेकिन सपा के संग्राम यादव वहां से पहले से ही मजबूत विधायक हैं. ऐसे में यह सीट अरुण राजभर के लिए आसान नहीं होने वाली है. वहीं खुद ओम प्रकाश राजभर जहूराबाद सीट से चुनाव लड़ते हैं, जहां मुस्लिम वोट काफी अहम भूमिका निभाते हैं. अगर वहां अंसारी परिवार का कोई सदस्य उनके खिलाफ खड़ा होता है, तो राजभर के लिए अपनी सीट बचाना भी काफी मुश्किल हो जाएगा.

संजय निषाद से भी चल रही खटपट

ओम प्रकाश राजभर की परेशानियां सिर्फ सपा से ही नहीं हैं, बल्कि एनडीए में उनके सहयोगी दल भी उनके लिए सिरदर्द बने हुए हैं. निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद अतरौलिया सीट पर लगातार अपना दावा ठोक रहे हैं. उनका कहना है कि राजभर को गलत लोग सलाह दे रहे हैं. वहीं, इस बारे में जब ओम प्रकाश राजभर से पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही उखड़े हुए स्वर में कहा कि जिसे जहां से लड़ना है, लड़ ले, अभी तो सीटों का बंटवारा दिल्ली से होना है.

सहारनपुर पर इमरान मसूद का दावा

पूर्वांचल के साथ-साथ पश्चिम यूपी में भी गठबंधन की राजनीति गरमाई हुई है. सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दावा किया है कि कांग्रेस जिले की 7 में से 5 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा, '2017 में जब अखिलेश जी मुख्यमंत्री थे, तब भी हम पांच सीटों पर लड़े थे. अब अगर हम फिर से पांच सीटों पर लड़ते हैं, तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए. मेरे पांच उम्मीदवार लड़ेंगे.' इमरान मसूद के इस बयान ने सपा और कांग्रेस के गठबंधन के बीच एक नई टेंशन खड़ी कर दी है.