Aaj ka UP: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के जन्मदिन पर सियासत के कई रंग देखने को मिले. एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक के दिग्गज नेताओं ने उन्हें बधाई दी. वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की महज तीन लाइनों की एक शुभकामना ने यूपी की राजनीति में बड़ा संदेश दे दिया है. राहुल गांधी का यह ट्वीट उन कांग्रेसी नेताओं के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है जो आगामी चुनावों में सीटों को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे थे. इसके साथ ही मुरादाबाद मंडल में गुटबाजी को शांत करने के लिए अखिलेश यादव द्वारा कमाल अख्तर पर किए गए बैलेंसिंग एक्ट और पार्टी दफ्तर में हुए भव्य जश्न की पूरी कहानी आज की इस रिपोर्ट में.
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राहुल गांधी का वो ट्वीट जिसने विरोधियों और सहयोगियों की बोलती बंद की
हाल के दिनों में कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं जैसे इमरान मसूद और यूपी के नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के बयानों से ऐसा लग रहा था कि सपा और कांग्रेस गठबंधन में सब ठीक नहीं है. इन नेताओं का कहना था कि सीटें बराबरी पर तय होंगी और कोई खुद को दाता न समझे. लेकिन अखिलेश यादव के जन्मदिन पर राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर इन तमाम कयासों पर ताला लगा दिया.राहुल गांधी ने लिखा 'जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई, अखिलेश यादव जी. पीडीए (PDA) की हिस्सेदारी से सामाजिक न्याय का संकल्प हम मिलकर पूरा करेंगे. अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं.'
इस ट्वीट का सीधा और साफ मतलब यह है कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सपा-कांग्रेस का गठबंधन पूरी तरह तय है. राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि कोई भी नेता कुछ भी बयानबाजी करे शीर्ष नेतृत्व अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले के साथ पूरी तरह एकजुट है.
पार्टी दफ्तर में जश्न और कार्यकर्ताओं का अनोखा अंदाज
अखिलेश यादव का जन्मदिन पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं द्वारा बेहद भव्य तरीके से मनाया गया. सपा दफ्तर से आई तस्वीरों में अखिलेश यादव, सनातन पांडे द्वारा लाए गए कई किलो के लड्डू वाले केक को तलवार से काटते नजर आए. इस दौरान मंच पर ब्राह्मण, मुस्लिम और ओबीसी चेहरों का बड़ा जमावड़ा दिखा जिसे पार्टी के सामाजिक समीकरण के तौर पर देखा जा रहा है.
लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) में सपा कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में पहुंचकर रक्तदान किया. वहीं कई जिलों में सुंदरकांड का पाठ, भंडारे और वाराणसी में अखिलेश यादव को कृष्ण/विष्णु के अवतार में दिखाने वाले पोस्टर भी चर्चा का विषय बने रहे.
राजनेताओं की बधाइयां और छिपे हुए तंज
मुख्यमंत्री ने सुबह 6 बजे ट्वीट कर अखिलेश यादव को दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दीं. ओपी राजभर ने बधाई तो दी लेकिन तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अब एसी और पीसी से बाहर निकलकर गांव, गली और पगडंडियों में घूमना चाहिए. कभी सपा से खफा होकर दूर जाने वाले इन छोटे दलों के नेताओं ने भी अखिलेश यादव को बधाई दी जिससे संकेत मिल रहे हैं कि 2027 से पहले ये दल एक बार फिर सपा के करीब आ सकते हैं.
मुरादाबाद मंडल में अखिलेश का बैलेंसिंग एक्ट
यूपी की सियासत में इस समय सबसे बड़ी चर्चा कमाल अख्तर के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफे की है. मुरादाबाद मंडल में सांसद रुचि वीरा और कमाल अख्तर के बीच गुटबाजी चरम पर थी. रुचि वीरा ने अखिलेश यादव से मिलकर शिकायत की थी कि संगठन के लोग सिर्फ कमाल अख्तर के इशारे पर काम कर रहे हैं.
इस गुटबाजी को थामने के लिए अखिलेश यादव ने मध्यम मार्ग अपनाया और कमाल अख्तर से इस्तीफा ले लिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रुचि वीरा ने कहा कि यह राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला है और पार्टी के नुकसान को रोकना उनकी जिम्मेदारी थी.
दरअसल, रुचि वीरा के पीछे आजम खान का कैंप माना जाता है जो मुरादाबाद और रामपुर मंडल पर अपना पुराना दबदबा कायम रखना चाहता है. अखिलेश यादव ने कमाल अख्तर को पद से हटाकर आजम खान और रुचि वीरा की नाराजगी को शांत करने का एक बड़ा बैलेंसिंग एक्ट किया है ताकि चुनाव से पहले पार्टी बिखरने से बच सके.
अखिलेश यादव का यह जन्मदिन उनके लिए सियासी तौर पर बेहद मजबूत साबित हुआ, जहां राहुल गांधी के संदेश ने गठबंधन की कमान उनके हाथ में सौंप दी. वहीं घरेलू मोर्चे पर उन्होंने कड़े फैसले लेकर अपनी पकड़ मजबूत होने का अहसास कराया.
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