Brij Bhushan Sharan Singh: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अब हर गुजरते दिन के साथ बड़ा राजनीतिक और कानूनी रूप लेता जा रहा है. एक तरफ जहां इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद को कटघरे में खड़ा कर रहा है. वहीं भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बयानों ने अपनी ही सरकार और ट्रस्ट की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बृजभूषण ने दावा किया है कि वे 5 साल पहले ही राम नाम पर चल रहे इस बड़े खेल को भांप चुके थे. दूसरी तरफ कानूनी मोर्चे पर अयोध्या पुलिस ने कोर्ट की इजाजत के बाद जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ शुरू कर दी है. इस बीच 6 तारीख को होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर सबकी निगाहें टिक गई हैं जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर बड़ा फैसला हो सकता है.
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सुरक्षा के बहाने आम जनता को राम मंदिर से काट दिया- बृजभूषण शरण सिंह
लगातार इस मुद्दे पर मुखर रहने वाले बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर बड़ा बयान देकर सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. उन्होंने कहा 'मैं पहला व्यक्ति हूं जिसने अयोध्या के आम जनमानस, देवीपाटन, बाराबंकी और अंबेडकर नगर के लोगों के साथ क्या हुआ, यह विषय रखा था. मैं 4-5 साल से लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहा था कि जो हो रहा है वह ठीक नहीं है. अयोध्या में राष्ट्रपति भवन और पीएम हाउस जैसी सुरक्षा के बहाने इतने बैरियर लगा दिए गए कि आज राम मंदिर से आम जनता और गरीब पूरी तरह कट गया है.'
जांच पूरी होने पर खोलूंगा राज
बृजभूषण ने दावा किया कि जब इस भ्रष्टाचार पर कोई नहीं बोल रहा था तब उन्होंने आवाज उठाई थी. उन्होंने कहा कि वे आज तक इसी खेल के कारण राम जन्मभूमि के दर्शन करने नहीं गए. आगे के राज खोलने के सवाल पर उन्होंने कहा 'मैं अयोध्या की रग-रग और गली-गली से वाकिफ हूं. अभी जांच चल रही है इसलिए मेरा बोलना सही नहीं है. जब जांच पूरी हो जाएगी, तब मैं बताऊंगा कि जांच सही हुई या गलत. अगर मैं अभी खुलकर बोलूंगा तो मुझे खुद नुकसान उठाना पड़ सकता है. क्योंकि इसके तार बहुत दूर तक जुड़े हैं और इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं.'
अखिलेश यादव की पोस्ट से शुरू हुआ था सियासी भूचाल
बता दें कि इस पूरे महाविवाद की शुरुआत 7 जून को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद हुई थी. अखिलेश यादव के इस खुलासे के कुछ ही देर बाद बृजभूषण शरण सिंह का भी बड़ा बयान सामने आ गया था जिसने मामले को और ज्यादा हवा दे दी. तब से लेकर अब तक इस मामले में लगातार नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं.
हाई सिक्योरिटी बैरक में पुलिस की दस्तक
कानूनी कार्रवाई की बात करें तो अयोध्या पुलिस इस केस की हर कड़ी को जोड़ने में पूरी शिद्दत से जुटी हुई है. मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के बाद अब पुलिस सीधे अयोध्या जेल पहुंच गई है. कोर्ट से विशेष अनुमति मिलने के बाद जांच अधिकारी आशुतोष त्रिपाठी जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद अन्य आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं.
पुलिस की रणनीति
जांच टीम पहले सभी आरोपियों से अलग-अलग सवाल-जवाब कर रही है. इसके बाद सभी के बयानों का मिलान किया जाएगा और फिर उन्हें आमने-सामने बैठाकर क्रॉस-क्वेश्चनिंग की जाएगी ताकि कथित चोरी की इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड और इसमें शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके.
6 तारीख को हो सकता है बड़ा फैसला
जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर भी हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, आने वाली 6 तारीख इस पूरे मामले में बेहद निर्णायक साबित हो सकती है. इस दिन होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर कोई बड़ा और कड़ा फैसला लिया जा सकता है. पुलिस को उम्मीद है कि जेल में बंद आरोपियों के ताजा बयानों के बाद इस केस में कुछ और बड़े रसूखदार नाम सामने आ सकते हैं.
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