ड्यूटी पर पुलिस की नौकरी, हाथ में सपा का झंडा... विधायक बनने की तैयारी में सिपाही श्याम सुंदर चौहान?

सुषमा पांडेय

• 09:49 AM • 03 Oct 2026

गोरखपुर में तैनात 1994 बैच के सिपाही श्याम सुंदर चौहान ड्यूटी छोड़कर संतकबीर नगर की धनघटा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. क्या है पूरा मामला?

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2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल तेज है. राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं, वहीं दावेदार भी टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. इसी बीच संत कबीर नगर से एक पुलिसकर्मी के चुनाव लड़ने की चर्चा सामने आई है. गोरखपुर में तैनात पुलिसकर्मी श्याम सुंदर चौहान समाजवादी पार्टी के टिकट पर धनघटा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. वह सोशल मीडिया से लेकर गली-नुक्कड़ तक सपा के झंडे और बैनर के साथ नजर आ रहे हैं.

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गोरखपुर में तैनाती, संत कबीर नगर से टिकट की दावेदारी

श्याम सुंदर चौहान मूल रूप से संत कबीर नगर जिले के धनघटा के रहने वाले हैं. नैना झाला गांव में उनका घर है और वह इसी क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. फिलहाल उनकी तैनाती गोरखपुर में है.

श्याम सुंदर चौहान 1994 में पुलिस भर्ती परीक्षा पास कर पुलिस सेवा में आए थे. इसके बाद उनकी करीब दर्जन भर जिलों में तैनाती रही. 1994 से लेकर मौजूदा समय तक वह पुलिस विभाग में हैं और इस समय गोरखपुर में तैनात बताए गए हैं.

छुट्टी के दौरान चुनाव लड़ने की चर्चा

बताया गया है कि पिछले काफी समय से श्याम सुंदर चौहान छुट्टी पर थे. इसी दौरान उनके चुनाव लड़ने को लेकर चर्चाएं शुरू हुईं. अभी टिकट का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन श्याम सुंदर चौहान को भरोसा है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव उन्हें ही टिकट देंगे.

वह लगातार सपा के झंडे और बैनर के साथ क्षेत्र में नजर आ रहे हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उनके सपा से जुड़े नारे और पोस्ट दिखाई दे रहे हैं.

सोशल मीडिया पोस्ट के बाद निलंबन की खबर

श्याम सुंदर चौहान के पुलिस सेवा में रहते हुए किसी राजनीतिक दल के प्रचार में सक्रिय होने को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं. इस मामले में गोरखपुर में पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन अभी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है.

हालांकि, सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आई कि सोशल मीडिया पर श्याम सुंदर चौहान की कई पोस्ट सामने आने और शिकायत होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है. वहीं, संत कबीर नगर के सहयोगी से बातचीत में श्याम सुंदर चौहान ने दावा किया कि वह अभी भी नौकरी में हैं.

'नौकरी छोड़ी थोड़े ही है'

श्याम सुंदर चौहान का कहना है कि उन्होंने नौकरी नहीं छोड़ी है. उनका दावा है कि ड्यूटी के दौरान उन्होंने किसी दूसरी पार्टी का प्रचार नहीं किया और न ही किसी व्यक्ति पर समाजवादी पार्टी से जुड़ने का दबाव बनाया.

उनके मुताबिक, ड्यूटी के अतिरिक्त समय और छुट्टी के दौरान वह जनता की सेवा करते हैं. उन्होंने कहा कि वह समाजवादी पार्टी में आस्था रखते हैं और अखिलेश यादव के विचारों से प्रभावित हैं.

श्याम सुंदर चौहान ने यह भी कहा कि वह सिस्टम से परेशान थे और उन्होंने लोगों को परेशान होते देखा है. उनका कहना है कि इसी वजह से उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया.

'नौकरी चली जाए तो भी गम नहीं'

श्याम सुंदर चौहान ने कहा कि नौकरी उन्होंने जीवन-यापन, रोटी-रोजगार और परिवार के लिए की है, लेकिन समाज के लोगों की स्थिति देखकर वह दुखी हैं. उनका कहना है कि अगर समाज की सेवा के लिए उनकी नौकरी चली जाती है तो उन्हें इसका कोई गम नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि उनकी समाजवादी पार्टी में आस्था है और उनकी पूरी जिंदगी समाजवादी परिवार और अखिलेश यादव के लिए कुर्बान है.

पिता हेड मास्टर, छोटा भाई CRPF में

श्याम सुंदर चौहान के पिता राम प्यारे चौहान संत कबीर नगर जिले में शिक्षा विभाग में नौकरी करते थे. वह एक स्कूल में हेड मास्टर के पद से रिटायर हुए. श्याम सुंदर चार भाइयों में तीसरे नंबर पर हैं. उनके सबसे छोटे भाई CRPF में हैं, जबकि दोनों बड़े भाई खेतीबाड़ी करते हैं.

पढ़ाई के दौरान ही राजनीति में आया था रुझान

श्याम सुंदर चौहान का राजनीति में रुचि पढ़ाई के दौरान ही हो गई थी. स्टूडेंट पॉलिटिक्स में भी उनकी रुचि थी. नौकरी के साथ-साथ राजनीति में सक्रिय रहने का उन्होंने संकल्प लिया था.

अब वह समाजवादी पार्टी से धनघटा विधानसभा सीट के लिए टिकट मांग रहे हैं. उनका कहना है कि अगर टिकट नहीं मिलता है तो वह समाज सेवा करते रहेंगे.

बड़ा सवाल: पुलिस की नौकरी के साथ राजनीति?

श्याम सुंदर चौहान के मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुलिस सेवा में रहते हुए किसी राजनीतिक दल के लिए प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता को किस तरह देखा जाएगा. फिलहाल इस मामले में पुलिस अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है. वहीं, श्याम सुंदर चौहान का दावा है कि वह अभी नौकरी में हैं और ड्यूटी के अतिरिक्त समय में जनता की सेवा करते हैं.

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