Priya Saroj Father Support to Rinku Singh: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह अब पंचतत्व में विलीन हो गए हैं. पिता का जाना रिंकू सिंह के जीवन का सबसे बड़ा व्यक्तिगत नुकसान है. नोएडा के अस्पताल से लेकर अलीगढ़ के पैतृक घर तक प्रिया सरोज और उनका परिवार एक साये की तरह रिंकू के साथ खड़ा है. भले ही अभी दोनों की शादी नहीं हुई है.लेकिन रिश्तों की गहराई ऐसी है कि प्रिया के पिता तूफानी सरोज अपने होने वाले समधी के निधन पर किसी सगे भाई की तरह शोकाकुल नजर आए. रिंकू और प्रिया जो जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले थे उनके लिए यह पल काफी इमोशनल है. क्योंकि खानचंद्र सिंह रिंकू और प्रिया सरोज की शादी को लेकर काफी खुश थे. लेकिन उनकी ये आखिरी ख्वाहिश अधूरी रह गई.
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'बाबूजी का जाना घर के आधार स्तंभ का ढहना है'
प्रिया सरोज ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने होने वाले ससुर को 'पूज्य बाबूजी' कहकर संबोधित किया. उन्होंने लिखा 'उनका जाना हमारे जीवन में ऐसी कमी छोड़ गया जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है. उन्होंने जीवन भर सादगी और परिश्रम के साथ अपने दायित्व निभाए.' इस पोस्ट के साथ उन्होंने अपनी सगाई की एक खूबसूरत तस्वीर भी साझा की जिसमें खानचंद्र सिंह मुस्कुराते हुए जोड़े को आशीर्वाद देते नजर आ रहे हैं.
हर पाल साथ दिखे तूफानी सरोज
प्रिया सरोज के पिता तूफानी सरोज शुरू से ही रिंकू के पिता की सादगी के कायल रहे हैं. साल 2025 की शुरुआत में जब इस रिश्ते की बात चली थी.तब तूफानी सरोज खुद अलीगढ़ जाकर खानचंद्र सिंह से मिले थे.उन्होंने एक पुराने बयान में कहा था कि वे रिंकू के नहीं बल्कि उनके पिता के संघर्ष और सच्चाई के प्रशंसक हैं.आज दुख की इस घड़ी में तूफानी सरोज ने नम आंखों से अपने होने वाले समधी को श्रद्धांजलि दी.
रिंकू और प्रिया की सगाई पिछले साल 8 जून को लखनऊ के एक होटल में हुई थी.पहले उनकी शादी 18 नवंबर 2025 को तय हुई थी.लेकिन आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की व्यस्तताओं के कारण इसे टालना पड़ा. चर्चा थी कि इसी साल जून में दोनों सात फेरे लेंगे.लेकिन खुशियों के इस आगमन से पहले ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. साल 2023 के आईपीएल में जब रिंकू सिंह ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ लगातार 5 छक्के जड़कर इतिहास रचातब दुनिया को पता चला कि उनके पीछे एक ऐसा पिता है जो अलीगढ़ की गोविला गैस एजेंसी में हॉकर का काम करता है. खानचंद्र सिंह ने अपनी जीतोड़ मेहनत से रिंकू को उस मुकाम तक पहुंचाया जहां आज पूरा देश उनका नाम गर्व से लेता है.
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