मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बुनकर समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और पारंपरिक बुनाई उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बेहतर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं. हथकरघा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनकर न केवल हमारी परंपरा के संवाहक हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार भी हैं. उनकी आय और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
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उत्पादन से बाजार तक: क्लस्टर आधारित विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुनकर बहुल क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष 'क्लस्टर' विकसित किए जाएं. ये क्लस्टर केवल उत्पादन केंद्र नहीं होंगे, बल्कि एक पूरी 'वैल्यू चेन' के रूप में काम करेंगे. यहां बुनकरों को एक ही स्थान पर आधुनिक डिजाइन, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और सीधे बाजार तक पहुंच सुनिश्चित कराई जाएगी. क्लस्टर में बुनकरों को संगठित कर पंजीकृत इकाइयों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे सामूहिक उत्पादन और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी.
निर्यात में यूपी का दबदबा और आधुनिक तकनीक का समावेश
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश हथकरघा क्षेत्र में देश में छठवें स्थान पर है और वर्ष 2024-25 में देश के कुल हथकरघा निर्यात में प्रदेश का योगदान लगभग 9.27 प्रतिशत (₹109.40 करोड़) रहा है. मुख्यमंत्री ने इस हिस्सेदारी को बढ़ाने के लिए बुनकरों को आधुनिक तकनीक और उन्नत उपकरणों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए ‘डिजाइनर-कम-मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव’ और एक्सपोर्ट हाउस जैसी संस्थागत एजेंसियों की मदद ली जाएगी.
बिजली बिल में राहत और सौर ऊर्जा को बढ़ावा
पॉवरलूम बुनकरों को बड़ी राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने उनके बिजली बिलों में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है. इसके लिए हथकरघा विभाग और पावर कॉरपोरेशन मिलकर एक नई कार्ययोजना बनाएंगे. मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा (Solar Energy) के उपयोग पर विशेष बल दिया, जिससे बुनकरों की उत्पादन लागत कम होगी और उन्हें दीर्घकालिक वित्तीय लाभ मिलेगा.
डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे बुनकर
बुनकरों को बिचौलियों से बचाने और सीधा लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार पर जोर दिया. इससे प्रदेश के कालीन, दरी, बेडशीट और कंबल जैसे उत्पाद सीधे वैश्विक उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे. बैठक में एमएसएमई और हथकरघा मंत्री राकेश सचान सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
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