Noida Labour Movement Update: नोएडा में मजदूरों के आंदोलन और वेतन को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट की है. सरकार ने 20000 रुपये न्यूनतम वेतन की खबरों को भ्रामक करार देते हुए वर्तमान दरों और भविष्य की योजना का ब्यौरा साझा किया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सूचनाएं पूरी तरह मनगढ़ंत और आधारहीन हैं. जानकारी दी गई है कि नई श्रम संहिताओं के तहत फ्लोर वेज तय करने की प्रक्रिया अभी चल रही है.
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वर्तमान में कितनी है न्यूनतम मजदूरी?
- सरकार द्वारा अधिसूचित नई दरों के अनुसार, वर्तमान में देय वेतन इस प्रकार है:
- अकुशल श्रमिक (Unskilled): 11313.65 मासिक (दैनिक: ₹435.14)
- अर्धकुशल श्रमिक (Semi-skilled): 12446 मासिक (दैनिक: ₹478.69)
- कुशल श्रमिक (Skilled): 13940.37 मासिक (दैनिक: ₹536.16)
यूपी के अलग-अलग इलाकों की दरों में कितना है फर्क?
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों के लिए क्या हैं दरें?
- इन औद्योगिक जिलों के लिए सरकार ने सबसे अधिक बढ़ोतरी प्रस्तावित की है:
- अकुशल (Unskilled): वर्तमान ₹11313 से बढ़ाकर ₹13690 कर दिया गया है.
- अर्धकुशल (Semi-skilled): वर्तमान ₹12,445 से बढ़ाकर ₹15,059 कर दिया गया है.
- कुशल (Skilled): वर्तमान ₹13,940 से बढ़ाकर ₹16,868 कर दिया गया है.
अन्य नगर निगम वाले जिलों में कितना इजाफा हुआ?
नगर निगम वाले अन्य प्रमुख शहरों के लिए दरों में मध्यम स्तर की वृद्धि की गई है:
- अकुशल (Unskilled): वर्तमान ₹11313 से बढ़ाकर ₹13006 कर दिया गया है.
- अर्धकुशल (Semi-skilled): वर्तमान ₹12445 से बढ़ाकर ₹14306 कर दिया गया है.
- कुशल (Skilled): वर्तमान ₹13940 से बढ़ाकर ₹16025 कर दिया गया है.
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में कुल 17 नगर निगम हैं, जिनमें लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद, झांसी, सहारनपुर, गोरखपुर, फिरोजाबाद, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, शाहजहांपुर शामिल हैं.
अन्य जिलों के लिए ये हैं दरें
राज्य के शेष जिलों (जहां नगर निगम नहीं है) के लिए निर्धारित दरें इस प्रकार हैं:
- अकुशल (Unskilled): वर्तमान ₹11313 से बढ़ाकर ₹12356 कर दिया गया है.
- अर्धकुशल (Semi-skilled): वर्तमान ₹12445 से बढ़ाकर ₹13591 कर दिया गया है.
- कुशल (Skilled): वर्तमान ₹13940 से बढ़ाकर ₹15224 कर दिया गया है.
वेज बोर्ड करेगा स्थायी समाधान, अभी मिलेगी अन्तरिम वृद्धि
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सरकार उद्योगों की आर्थिक चुनौतियों (कच्चे माल की बढ़ती कीमत और निर्यात में कमी) और श्रमिकों की मांगों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है. सरकार ने फिलहाल न्यूनतम वेतन में अन्तरिम वृद्धि करने का निर्णय लिया है.
अगले महीने एक वेज बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसकी सिफारिशों के आधार पर भविष्य में न्यूनतम वेतन का निर्धारण होगा.
अफवाहों से बचें और नियमों का पालन करें: सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम जनता से केवल आधिकारिक स्रोतों पर विश्वास करने की अपील की है. साथ ही, उन्होंने नियोक्ता संगठनों (कंपनियों) को कड़े निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों को समय पर वेतन और नियमानुसार ओवरटाइम का भुगतान हो. साप्ताहिक अवकाश, बोनस और सामाजिक सुरक्षा के अधिकार सुनिश्चित किए जाएं. कार्यस्थल पर महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाए.
अराजक तत्वों पर होगा सख्त एक्शन
सरकार ने आंदोलन के दौरान हुई गैर-कानूनी गतिविधियों की कड़ी निंदा की है. मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अराजक और बाहरी तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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