नोएडा में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद योगी सरकार का श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला, इतनी बढ़ाई कर्मचारियों की सैलरी

UP News: योगी सरकार ने श्रमिकों की मांगों को देखते हुए बड़ा फैसला किया है. सरकार ने देर रात उत्तर प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी दलों में बढ़ोतरी कर दी है.

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समर्थ श्रीवास्तव

14 Apr 2026 (अपडेटेड: 14 Apr 2026, 09:05 AM)

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UP News: नोएडा में कल हुए प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों और श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार एक्शन में है. हिंसक प्रदर्शनों के बाद जहां पुलिस अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है तो दूसरी तरफ योगी सरकार श्रमिकों की मांग को देखते हुए लगातार फैसले ले रही है.

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इसी बीच योगी सरकार ने श्रमिकों की मांगों को देखते हुए बड़ा फैसला किया है. सरकार ने देर रात उत्तर प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी कर दी है. ये नए आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जाएंगे. योगी सरकार ने अलग-अलग श्रेणियां में अधिकतम करीब 3000 रुपये तक का इजाफा किया है. सरकार का कहना है कि ये तात्कालिक फैसला है. आगे व्यापक समीक्षा के बाद वेज बोर्ड के माध्यम से मामले का स्थाई समाधान भी निकाला जाएगा.

20 हजार को लेकर चल रही अफवाह का किया खंडन

इसी के साथ यूपी सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का भी खंडन कर दिया है, जिसमें बताया जा रहा था कि न्यूनतम वेतन 20 हजार कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि ये दावा गलत है. इसी के साथ सरकार ने अपील की है कि लोग सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.

नोएडा में खूब हुई थी तोड़फोड़

आपको बता दें कि यूपी के नोएडा में कल सैलरी बढ़ाने को लेकर और कामकाजी परिस्थितियों में सुधार को लेकर प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी उग्र हो गए थे. दरअसल कुछ दिनों से श्रमिक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. मगर कल ये प्रदर्शन उग्र हो गए. फेज-2 में इस दौरान जमकर तोड़फोड़ हुई और आगजनी की गई. गाड़ियों तक में आग लगा दी गई. 

श्रमिकों का साफ कहना था कि लेबर लॉ के तहत अभी उनकी जो वेतन वृद्धि हुई है, वह काफी कम है. वह एक तरह से ऊंट के मुंह में जारी है. श्रमिकों का कहना था कि महंगाई काफी है. ऐसे में वह इतने कम वेतन में अपना घर-परिवार नहीं चला रहे हैं. बता दें कि श्रमिकों के प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया. इस दौरान कई कंपनियों में तोड़फोड़ की गई. आगजनी हुई. 

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तो दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ सरकार भी श्रमिकों की मांगों को लेकर एक्टिव हो गई है.