Mianpur name changed: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी के मियांपुर गांव का नाम बदल दिया है. अब यह गांव राष्ट्रगान के रचयिता रवींद्रनाथ टैगोर के सम्मान में रवींद्र नगर के नाम से जाना जाएगा. सीएम ने इस दौरान पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (पट्टे) भी वितरित किए.
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'मियां एक भी नहीं, फिर नाम मियांपुर क्यों?'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक इन परिवारों से वोट तो लिए, लेकिन उन्हें उनके बुनियादी अधिकार और पहचान से वंचित रखा. सीएम ने सवाल उठाया कि जिस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, उसका नाम मियांपुर रखकर यहां के निवासियों की असल पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी.
दशकों पुराना इंतजार हुआ खत्म
मियांपुर, मोहम्मदी तहसील का वह गांव है जहां 1970 के दशक में पूर्वी पाकिस्तान से आए बंगाली भाषी हिंदू परिवारों को बसाया गया था. सरकार ने उन्हें जमीन तो दी थी, लेकिन मालिकाना हक न होने के कारण उनके अधिकार सीमित थे. मियांपुर के साथ-साथ सुजानपुर, मोहनपुर ग्रांट और ग्रांट-3 में बसे परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिला है. सालों बाद अब इन परिवारों को अपनी जमीन का भौमिक अधिकार मिल गया है.
ग्रामीणों में जश्न का माहौल
गांव का नाम बदलने और मालिकाना हक मिलने पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है. महंत मंडल और चित्रंजन विश्वास जैसे ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे स्थानीय विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह के माध्यम से सीएम तक पहुंचाया गया था. पूर्व प्रधान वीरेंद्र नाथ बाला ने इसे अपनी 'वर्षों पुरानी इच्छा' का पूरा होना बताया. ग्रामीणों का मानना है कि रवींद्र नगर नाम उनकी सांस्कृतिक जड़ों और बंगाली पहचान को सही सम्मान देता है.
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