Noida News: नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुई हिंसक आगजनी अब महज एक मजदूर आंदोलन नहीं रह गई है. पुलिस की शुरुआती जांच में इस उपद्रव के पीछे एक गहरी साजिश के संकेत मिले हैं. जांच के दौरान पुलिस के हाथ ऐसे सनसनीखेज वॉट्सऐप चैट और ऑडियो मैसेज लगे हैं जो साबित करते हैं कि पुलिस पर हमले और शहर को जलाने की तैयारी पहले से की गई थी. वेतन बढ़ने के बावजूद थमते न दिख रहे इस बवाल में अब बाहरी तत्वों और नकाबपोश साजिशकर्ताओं की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है.
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व्हाट्सएप ग्रुप पर रची गई साजिश
नोएडा पुलिस को मिले वॉट्सऐप चैट के अनुसार, हिंसा भड़कने से करीब 3 दिन पहले कई वॉट्सऐप ग्रुप एक्टिव हुए थे. एक वायरल ऑडियो में एक शख्स साफ तौर पर भीड़ को उकसाते हुए कह रहा है कि 'कल पुलिस वालों पर हमला करना है,' इतना ही नहीं इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए मैसेज में प्रदर्शनकारियों को पुलिसिया कार्रवाई के जवाब में भारी मात्रा में मिर्च पाउडर साथ लाने को कहा गया था ताकि पुलिस को पंगु बनाया जा सके.
नकाबपोशों ने की सीसीटीवी मिटाने की कोशिश
पुलिस के पास मौजूद वीडियो फुटेज में कई नकाबपोश उपद्रवी नजर आ रहे हैं. ये लोग मजदूरों की आड़ में न केवल आगजनी कर रहे थे बल्कि योजनाबद्ध तरीके से लाठियों से सीसीटीवी कैमरों को तोड़ रहे थे ताकि उनकी पहचान न हो सके. पुलिस अब फेशियल रिकग्निशन और अन्य तकनीकी माध्यमों से इन नकाबपोशों की कुंडली खंगाल रही है.
वेतन वृद्धि के बाद भी क्यों नहीं थम रहा आक्रोश?
योगी सरकार ने मजदूरों की नाराजगी दूर करने के लिए देर रात न्यूनतम मजदूरी की दरों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की घोषणा की. 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले इन आदेशों के तहत अलग-अलग श्रेणियों में ₹3000 तक का इजाफा किया गया है. प्रशासन को उम्मीद थी कि इससे शांति बहाल होगी. लेकिन हकीकत इसके उलट है. मजदूर अब भी संतुष्ट नहीं हैं और कई इलाकों में नारेबाजी जारी है जिससे सवाल उठ रहा है कि क्या इस आंदोलन को जानबूझकर हवा दी जा रही है?
सेक्टर 60-62 में अब भी भारी सुरक्षा
बीते सोमवार को हुई हिंसा के बाद सेक्टर 60 और 62 जैसे प्रमुख औद्योगिक इलाके छावनी में तब्दील हैं. सड़कों पर भारी जाम और आगजनी की तस्वीरों के बाद अब पुलिस दंगाइयों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है. डीसीपी स्तर के अधिकारी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं और वॉट्सऐप ग्रुप के एडमिन भी रडार पर हैं.
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