Noida E Bus Route: नोएडा के निवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी को दूर करने के लिए नोएडा अथॉरिटी और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) मिलकर 15 जून से 5 नए रूटों पर सिटी बस सेवा शुरू करने जा रहे हैं. खास बात यह है कि इस सेवा की शुरुआत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के चालू होने के साथ ही की जा रही है.
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अथॉरिटी और UPSRTC के अधिकारियों ने बैठक कर इस पूरी योजना को अंतिम रूप दे दिया है. सड़कों पर उतरने से एक हफ्ता पहले इन बसों का ट्रायल रन भी शुरू कर दिया जाएगा.
इन 5 रूटों पर दौड़ेंगी बसें
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये बस सेवा नोएडा के सेक्टर-90 (डिपो) और बॉटनिकल गार्डन से शुरू होकर अलग-अलग रूटों पर जाएगी.
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर)
- ग्रेटर नोएडा का किसान चौक और एक मूर्ति चौक
- नोएडा सेक्टर-62 और फेज-2
- ग्रेटर नोएडा का सूरजपुर कलेक्ट्रेट
- दिल्ली के सराय काले खां, आनंद विहार, कश्मीरी गेट ISBT और गाजियाबाद
किराया सिर्फ 10 रुपये से 30 रुपये
इस नए बेड़े में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी, जिनमें से 10 डबल डेकर बसें होंगी. सफर को किफायती रखने के लिए दूरी के हिसाब से किराया तय किया गया है.
- किराया: ₹10, ₹20 और ₹30
- हर बस रोजाना करीब 200 किलोमीटर का सफर तय करेगी.
- यात्री मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन टिकट भी बुक कर सकेंगे और बस के अंदर कंडक्टर से मैनुअल टिकट भी ले सकेंगे.
इन बसों का संचालन UPSRTC (रोडवेज) करेगा, जबकि इसके खर्च में आने वाली कमी (वायबिलिटी गैप फंडिंग) की भरपाई नोएडा अथॉरिटी करेगी. पहले सिर्फ 50 बसें चलाने की योजना थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 100 कर दिया गया है.
ई-रिक्शा पर लगेगा बैन
सड़क पर जाम न लगे और ई-बसें बिना किसी रुकावट के चल सकें, इसके लिए अथॉरिटी ने एक बड़ा फैसला लिया है. जिन रूटों पर ये ई-बसें चलेंगी, वहां ई-रिक्शा के चलने पर पाबंदी रहेगी. इस सेवा को सुचारू रूप से चलाने के लिए UPSRTC ड्राइवर और कंडक्टर समेत 300 कर्मचारियों की भर्ती कर रहा है.
चार्जिंग और रखरखाव की तैयारी पूरी
नोएडा अथॉरिटी सेक्टर-90 में एक नया डिपो बना रही है, जहां इन ई-बसों को पार्क और चार्ज किया जा सकेगा. इसके अलावा, रोडवेज ने 'स्विच मोबिलिटी' नाम की एक प्राइवेट कंपनी के साथ हाथ मिलाया है, जो नोएडा में 8 डबल डेकर एसी बसें चलाएगी. इन बसों की देखरेख प्राइवेट कंपनी करेगी, जबकि संचालन रोडवेज के हाथ में होगा. ये बसें फिलहाल सेक्टर-35 के मोरना डिपो में खड़ी हैं, जहां चार्जिंग स्टेशन बनकर पूरी तरह तैयार है.
क्यों जरूरी थी ये बस सेवा?
वर्तमान में नोएडा में लगभग 4,548 बसें हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर निजी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए चलती हैं. इस वजह से आम जनता को रोजाना आने-जाने और मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने के लिए कैब, ऑटो या ई-रिक्शा पर निर्भर रहना पड़ता था, जो काफी महंगा और असुविधाजनक था. नई सिटी बस सेवा से आम जनता का सफर बेहद आसान और सस्ता हो जाएगा.
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