UP Free House Scheme for Women: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान को लेकर एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य में जरूरतमंद और पात्र महिलाओं को मुफ्त मकान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की तैयारी तेज हो गई है.
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इसके तहत महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी बड़ी योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाएगा. महिला कल्याण विभाग ने इसके लिए लाभार्थियों का डाटा जुटाना भी शुरू कर दिया है.
इन 3 श्रेणियों की महिलाओं को मिलेगा फायदा
सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को सहारा देना है, जो सामाजिक या पारिवारिक संकटों के कारण मुश्किलों का सामना कर रही हैं. योजना के तहत मुख्य रूप से तीन श्रेणियों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी...
- तीन तलाक से प्रभावित महिलाएं
- एसिड अटैक की पीड़ित महिलाएं
- निराश्रित और बेसहारा महिलाएं
सरकार का मानना है कि सिर्फ आर्थिक मदद देना काफी नहीं है, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन के लिए पक्का घर और मुफ्त इलाज की सुविधा होना भी बेहद जरूरी है.
सीएम योगी के सख्त निर्देश
- हाल ही में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि ऐसी महिलाओं की पहचान जल्द से जल्द की जाए, जिनके पास रहने को सुरक्षित घर नहीं है.
- पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए पक्का मकान दिया जाएगा.
- महिलाओं और उनके परिवारों को बीमारी के समय भटकना न पड़े, इसके लिए उन्हें 'आयुष्मान भारत' और 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' से जोड़कर मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी.
"गंभीर सामाजिक संकटों का सामना कर चुकी महिलाओं को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्हें पक्के मकान के साथ-साथ स्वास्थ्य बीमा और बेहतर इलाज की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं."
महिला कल्याण विभाग जुटा रहा है डाटा
इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए महिला कल्याण विभाग पूरी तरह एक्टिव हो गया है. विभाग अलग-अलग सरकारी दफ्तरों से तालमेल बिठाकर तीन तलाक, एसिड अटैक और बेसहारा महिलाओं की सही और सत्यापित लिस्ट तैयार कर रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही यह लिस्ट फाइनल होगी, प्राथमिकता के आधार पर महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा.
क्यों जरूरी है सरकार का ये कदम?
एसिड अटैक और तीन तलाक जैसी घटनाएं महिलाओं की जिंदगी को पूरी तरह बदल देती हैं. एसिड अटैक पीड़ितों को लंबे समय तक इलाज और प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत होती है, वहीं तीन तलाक पीड़ित महिलाएं अचानक आर्थिक रूप से बेसहारा हो जाती हैं. ऐसे में मुफ्त घर और इलाज की गारंटी उन्हें समाज में दोबारा सिर उठाकर जीने का हौसला देगी.
दफ्तरों के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति
अक्सर देखा जाता है कि जानकारी न होने या सरकारी कागजी कार्रवाई के डर से कई महिलाएं योजनाओं का लाभ नहीं ले पातीं. महिला कल्याण विभाग इस समस्या को दूर करने के लिए खास रणनीति बना रहा है. सरकार की कोशिश है कि महिलाओं को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि एक ही जगह से उन्हें इन सभी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल जाए.
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