इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार ने मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव करते हुए प्रह्लाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है. अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी संभालेंगे. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को छात्रों के आंदोलन के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है.
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आपको बता दें कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा जाए.
राष्ट्रपति भवन से जारी हुए आदेश
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह उनके लिए 'व्यक्तिगत प्रतिष्ठा' का विषय नहीं है और पिछले 10 दिनों में घटी घटनाओं से वे काफी परेशान हैं. उन्होंने कहा, "मैंने पहले ही दिन से नीट पेपर लीक की जिम्मेदारी ली थी." इसके साथ ही उन्होंने देशद्रोही ताकतों से सचेत रहने की अपील भी की.
यहां देखें इस्तीफे में उन्होंने क्या-क्या और लिखा?
जंतर-मंतर पर 20 जून से डटे हैं छात्र
मालूम हो कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों और CJP कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया. यहां छात्र 20 जून से धरना दे रहे थे और NEET-UG 2026 पेपर लीक और सीबीएसई (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे. बता दें कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसके बाद से यह आंदोलन और अधिक तेज हो गया था. हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी की मांगें सरकार ने मान ली हैं, जिसके बाद ये आंदोलन समाप्त कर दिया गया है.
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