धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर का माहौल जश्न से सराबोर! युवा बोल रहे ये बात

NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जंतर-मंतर में प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने खुशी जताई. छात्रों ने इसे संघर्ष की जीत बताते हुए SSC-CGL समेत आगामी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग दोहराई.

Jantar Mantar ka mahaul

Jantar Mantar ka mahaul

Google CTA

NEET पेपर लीक विवाद और परीक्षाओं में धांधली को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खबर सामने आई. शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है.  धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर जैसे ही जंतर-मंतर पर डटे युवाओं के बीच पहुंची वहां खुशी का माहौल देखने को मिला. 

यह भी पढ़ें...

संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास हजारों की संख्या में मौजूद छात्रों ने इसे युवाओं की ताकत और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत करार दिया. हालांकि युवाओं ने साफ किया कि केवल इस्तीफा काफी नहीं है उन्हें किसी अन्य मंत्रालय में शामिल नहीं किया जाना चाहिए और आगामी SSC-CGL जैसी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए.

इंटरनेट डाउन होने के बावजूद फोन पर मिली खबर

प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा कारणों और भीड़ के चलते इंटरनेट सेवाएं बेहद धीमी थीं जिसके कारण युवाओं को शुरुआत में खबर की पुष्टि के लिए बाहर से आ रहे फोन कॉल्स पर निर्भर रहना पड़ा. खबर की पुष्टि होते ही पूरे संसद मार्ग पर युवाओं का जोश चरम पर पहुंच गया.

प्रदर्शन में शामिल एडवोकेट योगेश ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा 'बहुत अच्छी बात है कि उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी ली है. हालांकि इसमें बहुत देर कर दी गई. इस खबर से युवाओं के अंदर एक पॉजिटिव एनर्जी आएगी और देश को पता चलेगा कि देश का युवा आवाज उठाकर सिस्टम को बदलने की ताकत रखता है.'

'किसी दूसरे मंत्रालय में न मिले जगह, जवाबदेही तय हो'

मुंबई से आंदोलन में शामिल होने पहुंचे मोहम्मद गुलाम और अन्य युवाओं ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि शिक्षा मंत्री का पद से हटना महज पहला कदम है. उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें किसी अन्य कैबिनेट पद या मंत्रालय में पुनर्नियोजित न किया जाए. युवाओं का कहना था कि यदि उन्हें हटाकर कोई और विभाग दे दिया गया तो इस पूरे आंदोलन का मकसद अधूरा रह जाएगा.

20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई और गायब छात्रों को लेकर चिंता

संसद मार्ग पर मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और हिरासत में लिए गए छात्रों का मुद्दा भी उठाया. मुरादनगर से आए एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि कई साथी जो 20 तारीख के प्रदर्शन के बाद से संपर्क में नहीं हैं, उनकी सुरक्षा और रिहाई सुनिश्चित होनी चाहिए. जब तक हर छात्र को न्याय नहीं मिलता और पूरे परीक्षा तंत्र में सुधार नहीं होता, तब तक युवाओं की नजरें सरकार के हर कदम पर बनी रहेंगी.

आगामी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर नजर

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आगामी SSC CGL और CPO जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अगर धांधली रुकी और पारदर्शी व्यवस्था लागू हुई तभी सही मायनों में बदलाव माना जाएगा. फिलहाल जंतर-मंतर और कनेक्टिंग मार्गों पर युवाओं की भारी मौजूदगी बनी हुई है और पुलिस बल तैनात है.