धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी को नई जिम्मेदारी मिली है. आपको बता दें कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उन्हें उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि प्रह्लाद जोशी कौन हैं और अब तक उनका राजनीतिक व सार्वजनिक जीवन कैसा रहा है.
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विजयपुर में हुआ जन्म, बिजनेसमैन हैं पेशे से
लोकसभा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर में हुआ था. उनके पिता का नाम वेंकटेश जोशी और माता का नाम मालतीबाई है. उन्होंने 26 नवंबर 1992 को ज्योति जोशी से विवाह किया. उनकी तीन बेटियां हैं. पेशे से वे बिजनेसमैन हैं.
कहां तक की पढ़ाई?
प्रह्लाद जोशी ने बी.ए. की पढ़ाई केएस आर्ट्स कॉलेज, हुबली और कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ से की है.
लगातार पांचवीं बार सांसद
प्रह्लाद जोशी पहली साल 2004 में 14वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए. इसके बाद 2009 में 15वीं लोकसभा, 2014 में 16वीं लोकसभा, 2019 में 17वीं लोकसभा और जून 2024 में 18वीं लोकसभा के लिए लगातार चुने गए.
मौजूदा समय में कौन-कौन से मंत्रालय संभाल रहे हैं?
9 जून 2024 से प्रह्लाद जोशी केंद्रीय मंत्रिमंडल में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं. अब उन्हें इनके साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है.
पहले भी संभाल चुके हैं कई बड़ी जिम्मेदारियां
30 मई 2019 से उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली. इसके अलावा वे लोकसभा की सामान्य प्रयोजन समिति, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी, विशेष आमंत्रित सदस्य, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष, लोकसभा पैनल ऑफ चेयरपर्सन्स, एथिक्स कमेटी, रेलवे संबंधी स्थायी समिति, रसायन एवं उर्वरक संबंधी स्थायी समिति, परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी स्थायी समिति तथा वक्फ पर संयुक्त संसदीय समिति सहित कई संसदीय समितियों में सदस्य रह चुके हैं.
भाजपा संगठन में भी निभाई अहम भूमिका
प्रह्लाद जोशी 1995 से 1998 तक भाजपा धारवाड़ जिला इकाई के अध्यक्ष रहे. इसके बाद 1998 से 2003 तक भाजपा धारवाड़ जिला इकाई के महासचिव रहे. वर्ष 2006 से 2013 तक भाजपा कर्नाटक प्रदेश के महासचिव रहे और 2013 से भाजपा कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली.
समाज सेवा में भी सक्रिय
उनकी विशेष रुचि गरीबों और समाज के वंचित वर्गों की सेवा करना है. वे हुबली की विजयनगर एजुकेशन सोसाइटी के मानद अध्यक्ष हैं और कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बोर्ड सदस्य भी हैं.
वे प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के लिए चल रहे मिड-डे मील प्रोजेक्ट से जुड़े हैं, जिसके तहत 86 हजार से अधिक बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है. इसके अलावा उन्होंने कई निशुल्क सामान्य स्वास्थ्य और नेत्र शिविरों का आयोजन कराया, जिनमें हजारों मरीजों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिली.
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी रखा भारत का पक्ष
दिसंबर 2008 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNO) के 63वें सत्र में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में उन्होंने महिलाओं और बच्चों पर होने वाले अत्याचार का मुद्दा उठाया. अप्रैल 2012 में श्रीलंका के तमिल मुद्दे पर "वास्तविक राजनीतिक समाधान" की आवश्यकता पर भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में अपने विचार रखे. उन्होंने मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और अमेरिका की यात्रा भी की है.
किताबें पढ़ने और शास्त्रीय संगीत सुनने का शौक
प्रह्लाद जोशी को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत सुनना और साहित्य से जुड़ी किताबें पढ़ना पसंद है. खेलों में उनकी रुचि शतरंज, बैडमिंटन और कैरम में है. उन्होंने कन्नड़ भाषा में 'साधनेया संकल्प' नामक पुस्तक भी लिखी है.
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