केंद्र सरकार में नए शिक्षा मंत्री बनाए जाने से पहले प्रह्लाद जोशी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के लंबे राजनीतिक जीवन और शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका राष्ट्र निर्माण में योगदान हमेशा याद रखा जाएगा.
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प्रह्लाद जोशी ने कहा था, "श्री धर्मेंद्र प्रधान जी का राजनीतिक जीवन कई दशकों तक फैला हुआ है. देश के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी."
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को सफलतापूर्वक लागू किया गया. इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में 100 से अधिक बड़े और छोटे सुधार किए गए, जिनका लाभ देश के शिक्षा तंत्र को मिला. प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा कि देशहित को सर्वोपरि रखते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ने का फैसला किया है. हालांकि, उनके इस्तीफा देने का मतलब यह नहीं है कि देश के विकास में उनका योगदान रुक जाएगा.
उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, "देश के विकास की राह में हमारी मुलाकात फिर होगी और हम साथ मिलकर राष्ट्र निर्माण के लिए काम करेंगे."
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उन्हें अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है.
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