वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर बैठकर बिरयानी पार्टी करने वाले आरोपियों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इस मामले से जुड़े 8 आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है. हालांकि अभी 6 आरोपियों को लेकर फैसला 18 मई को आएगा. बता दें कि इन सभी पर गंगा नदी में चिकन बिरयानी खाने और उसमें कचरा फेकने का आरोप लगा था. इस दौरान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसके बाद भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रजत जायसवाल ने 16 मार्च को वाराणसी के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. ऐसे में पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और नदी प्रदूषित करने के आरोप में कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया था.
ADVERTISEMENT
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला मार्च 2026 का है. इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स बढ़ाने के चक्कर में दानिश सैफी, आमिर कैफी और नुरुल इस्लाम समेत 14 युवकों वाराणसी के अस्सी घाट पर इफ्तार पार्टी की थी. आरोप है कि पवित्र गंगा नदी में इन सभी ने ना सिर्फ नॉनवेज खाया बल्कि उसका कचरा भी पवित्र गंगा नदी में फेंक दिया. लेकिन जैसे ही इस घटना का वीडियो वायरल हुआ वैसे ही लोगों में नाराजगी फैल गई. इसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए नाविक समेत सभी आरोपियों को जेल भेज दिया.
आठ को मिली राहत
गंगा नदी में कथित चिकन बिरयानी पार्टी करने का यह मामला अब अदालत की दहलीज पर है. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सभी 14 आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई शुरू की. दानिश, आमिर और नुरुल इस्लाम की ओर से पहले अर्जी दाखिल हुई थी, जिसके बाद अन्य आरोपियों की याचिकाओं को भी इसी के साथ संबद्ध कर दिया गया. कोर्ट ने आठ लोगों को तो जमानत दे दी है. लेकिन शेष 6 अन्य आरोपियों की किस्मत का फैसला सोमवार 18 मई को होने वाली अगली सुनवाई में होगा.
(इस खबर को यूपी Tak के साथ इंटर्नशिप कर रहे हर्ष पाण्डेय ने संपादित किया है.)
ADVERTISEMENT









