गोरखपुर में एक ही परिवार के 9 लोगों की अचानक बिगड़ी तबीयत, फिर सामने आई तरबूज और मैगी वाली बात

Gorakhpur Food Poisoning: यूपी के गोरखपुर में तरबूज और मैगी खाना एक परिवार को भारी पड़ गया. मलांव गांव के 9 लोग उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती हैं.

Gorakhpur News: सांकेतिक तस्वीर

Gorakhpur News: सांकेतिक तस्वीर

Google CTA

Gorakhpur Food Poisoning: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. मलांव गांव में रहने वाले एक परिवार के 9 लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया है. सामने आई जानकारी के मुताबिक, परिवार के सभी सदस्यों ने तरबूज खाने के कुछ घंटे बाद मैगी खाई थी जिसके बाद ही सबकी तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई. ऐसे में परिवार के सभी सदस्यों को आनन-फानन में हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. फिलहाल डॉक्टरों ने एक बच्ची की स्थिति में सुधार देख उसे घर भेज दिया है जबकि अन्य 8 लोगों का इलाज जारी है. गोरखपुर की इस खबर ने तरबूज जैसे हेल्दी फल को खाने से पहले भी सोचने पर मजबूर कर दिया है.

यह भी पढ़ें...

क्या है पूरा मामला

गोरखपुर के बेलीपार ब्लॉक के मलांव गांव में बुधवार की शाम करीब 4 बजे परिवार के सदस्यों ने बड़े चाव से तरबूज खाया था. इसके करीब डेढ़ घंटे बाद सभी ने मैगी का सेवन किया. मैगी खाने के कुछ ही देर बाद एक-एक कर परिवार के सभी 9 सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी. तेज बुखार, ठंड लगने और लगातार उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया. शुरुआत में पीड़ितों को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. लेकिन हालत में सुधार न होने पर गुरुवार रात उन्हें गोरखपुर जिला चिकित्सालय के न्यू ओपीडी वार्ड में शिफ्ट किया गया. अस्पताल में भर्ती एक महिला ने बताया कि 'तरबूज और मैगी खाने के बाद ही शरीर टूटने लगा और लगातार उल्टियां होने लगीं।.अभी भी बहुत कमजोरी और ठंड महसूस हो रही है।" फिलहाल, डॉक्टरों ने एक बच्ची की स्थिति में सुधार देख उसे घर भेज दिया है, जबकि अन्य 8 लोगों का इलाज जारी है.

डॉक्टरों की चेतावनी

जिला अस्पताल के  डॉ. बी.के. सुमन ने बताया कि सभी मरीजों की हालत अब स्थिर है. उन्होंने बताया कि 'यह जांच का विषय है कि तबीयत तरबूज से बिगड़ी या मैगी से. अक्सर तरबूज को जल्दी पकाने के लिए हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल होता है. वहीं मैगी जैसे पैकेट बंद फूड अगर एक्सपायरी हो या सही तरीके से स्टोर न किया गया हो तो वह इस मौसम में जहर बन सकता है. 

सावधानी ही बचाव है

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि गर्मी के मौसम में फल हमेशा विश्वसनीय जगह से ही खरीदें और पैकेट बंद सामान लेने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें. तरबूज जैसे फलों के साथ किसी भी तरह के प्रोसेस्ड फूड का कॉम्बिनेशन पाचन तंत्र के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के खान-पान और पानी की भी जांच कर रही है ताकि संक्रमण के किसी अन्य स्रोत का पता लगाया जा सके.