Ghazipur-Ballia-Manjhi Ghat National Highway: पूर्वांचल और बिहार के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने जा रही है. गाजीपुर-बलिया-मांझी घाट नेशनल हाईवे बनने के बाद वाराणसी से छपरा का सफर काफी आसान हो जाएगा. अभी जिस यात्रा में करीब 5 घंटे 30 मिनट लगते हैं, हाईवे बनने के बाद यही दूरी करीब 3 घंटे में पूरी होने की उम्मीद है.
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इस ग्रीनफील्ड हाईवे का मुख्य हिस्सा गाजीपुर से बिहार के सारण जिले के सहबलपुर तक जाएगा और आगे छपरा से सीधा कनेक्शन बनेगा. वहीं भरौली गोलंबर से बनने वाला लिंक रोड बक्सर को इस हाईवे नेटवर्क से जोड़ेगा. गाजीपुर और बलिया से लेकर बक्सर, छपरा और पटना तक सड़क संपर्क का एक नया रास्ता तैयार होगा.
वाराणसी से छपरा पहुंचना होगा आसान
ग्रीनफील्ड हाईवे बनने के बाद वाराणसी से छपरा जाने वाले वाहनों का सफर करीब ढाई घंटे कम हो जाएगा. अभी इस यात्रा में लगभग 5 घंटे 30 मिनट लगते हैं, जबकि निर्माण के बाद इसे करीब 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.
यात्रा का समय कम होने का सीधा फायदा लोगों को मिलेगा. लंबा सफर करने वाले यात्रियों के लिए समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी. खासकर रोजाना कारोबार या दूसरे जरूरी कामों से इस रूट पर आने-जाने वालों के लिए यह बदलाव काफी अहम हो सकता है.
गाजीपुर से बिहार तक बनेगा सीधा कनेक्शन
इस राष्ट्रीय राजमार्ग का मुख्य हिस्सा गाजीपुर से बिहार के सारण जिले के सहबलपुर तक जाएगा. इससे बिहार का छपरा सीधे इस हाईवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा. वहीं भरौली गोलंबर से बनने वाला लिंक मार्ग बक्सर को इस नेटवर्क से जोड़ेगा. इसके बाद बिहार के बक्सर और छपरा के साथ-साथ राजधानी पटना की कनेक्टिविटी भी यूपी के बड़े शहरों से आसान होगी.
सिर्फ गाजीपुर-बलिया नहीं, कई शहरों को जोड़ेगा हाईवे
इस परियोजना का दायरा काफी बड़ा है. यह राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ गाजीपुर, बलिया और बिहार के बीच कनेक्शन बनाने तक सीमित नहीं रहेगा. इसके जरिए बलिया और गाजीपुर के साथ बिहार के बक्सर और छपरा को यूपी के वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़ और मऊ से जोड़ने की योजना है.
इसका मतलब है कि पूर्वांचल के कई प्रमुख शहरों और बिहार के महत्वपूर्ण इलाकों के बीच आने-जाने का एक नया सड़क नेटवर्क तैयार होगा. वहीं, बलिया होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंच और फिर लखनऊ-दिल्ली की ओर जाने का रास्ता भी ज्यादा सुविधाजनक हो सकेगा.
इन हाईवे और लिंक रोड से जुड़ेगा नेटवर्क
इस राष्ट्रीय राजमार्ग से कई मार्ग और लिंक रोड जुड़ेंगे. इनमें गाजीपुर-गोरखपुर मार्ग एनएच-24, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गाजीपुर-कासिमाबाद मार्ग, मोहम्मद नसीरपुर मार्ग और गाजीपुर-बलिया एनएच-31 शामिल हैं.
इसके अलावा बलिया-बैरिया मार्ग एनएच-31, बलिया-हाजीपुर मार्ग एनएच-31, हल्दी मार्ग, लालगंज-बैरिया मार्ग, मांझी-डुमरी-ताजपुर मार्ग, मोहम्मदाबाद-चितवाड़ा गांव मार्ग और कोटुआ-नारायणपुर मार्ग भी इस नेटवर्क से जुड़े होंगे.
व्यापार और रोजगार को मिल सकती है रफ्तार
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का असर सिर्फ यात्रा तक सीमित नहीं रहता. गाजीपुर, बलिया और बिहार के आसपास के इलाकों के लिए इस हाईवे से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है.
माल की आवाजाही आसान होने से कारोबारियों को फायदा मिल सकता है. वहीं वाराणसी, गाजीपुर, बलिया और बिहार के धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है.
पूर्वांचल और बिहार के बीच बदलेगा सड़क का नक्शा
कुल मिलाकर गाजीपुर-बलिया-मांझी घाट नेशनल हाईवे पूर्वांचल और बिहार के बीच एक अहम सड़क कड़ी के रूप में सामने आ रहा है. एक तरफ वाराणसी से छपरा की यात्रा में करीब ढाई घंटे की बचत होगी, तो दूसरी तरफ बक्सर, छपरा और पटना जैसे शहरों की कनेक्टिविटी लखनऊ और दिल्ली समेत देश के दूसरे बड़े शहरों से बेहतर होगी.
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