यूपी में Gen Z आंदोलन को बढ़ाने के लिए बना ‘जस्टिस मोर्चा’, 10 मांगों के साथ शुरू होगा अभियान

यूपी तक

• 08:05 PM • 10 Aug 2026

उत्तर प्रदेश में युवाओं की शिक्षा, रोजगार और सरकारी भर्तियों से जुड़े मुद्दों को लेकर ‘जस्टिस मोर्चा’ की 10 अगस्त को लखनऊ प्रेस क्लब में आधिकारिक घोषणा हुई. संगठन ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, खाली सरकारी पदों को भरने, लंबित भर्तियों को पूरा करने और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर 10 प्रमुख मांगें रखी हैं.

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उत्तर प्रदेश में युवाओं के शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर ‘जस्टिस मोर्चा’ की आधिकारिक घोषणा हो गई है. लखनऊ के प्रेस क्लब में 10 अगस्त को इसकी घोषणा की गई. मोर्चे का दावा है कि इसका मकसद युवाओं के उन मुद्दों को आवाज देना है, जो लंबे समय से चर्चा में हैं.

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‘जस्टिस मोर्चा’ को Gen Z आंदोलन के दौरान यूपी में सक्रिय रहे छात्र नेताओं और एक्टिविस्टों को एकजुट करने वाले प्लेटफॉर्म के तौर पर बनाया गया है. संगठन शिक्षा व्यवस्था, सरकारी भर्तियों, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और समान अवसर जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच जाने की तैयारी में है.

शिक्षा और रोजगार को लेकर क्या कहना है जस्टिस मोर्चा का?

जस्टिस मोर्चा का कहना है कि उत्तर प्रदेश का युवा शिक्षा की बदहाल व्यवस्था, सरकारी शिक्षण संस्थानों के कमजोर होते ढांचे, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आने वाली अनियमितताओं और भर्तियों में देरी से परेशान है.

मोर्चे के मुताबिक, रोजगार के सीमित अवसरों की वजह से युवाओं में असुरक्षा और असंतोष बढ़ रहा है. संगठन आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर युवाओं के सवाल सुनेगा और स्थानीय मुद्दों को उठाएगा.

जस्टिस मोर्चा की 10 प्रमुख मांगें

  1. हर साल भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी हो और प्रतियोगी परीक्षाएं तय समय में कराई जाएं.
  2. स्वीकृत लेकिन खाली पड़े सभी सरकारी पद तत्काल भरे जाएं.
  3. लंबित भर्तियों को पूरा कर नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से खत्म की जाए.
  4. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को वापस लिया जाए.
  5. परीक्षा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता हो, नॉर्मलाइजेशन खत्म किया जाए और अभ्यर्थियों को विस्तृत स्कोर कार्ड दिया जाए.
  6. संविदा और ठेका प्रथा पर रोक लगाकर समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया जाए.
  7. निजी स्कूलों की फीस पर अधिकतम सीमा यानी Fee Cap तय की जाए.
  8. पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्रों और शिक्षकों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं.
  9. NTA को खत्म कर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था बनाई जाए.
  10. सभी शोधार्थियों के लिए समान फेलोशिप की व्यवस्था की जाए.

12 अगस्त से शुरू होगा यूपी में जनसंपर्क अभियान

जस्टिस मोर्चा ने बताया कि 12 अगस्त, अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस से प्रदेशव्यापी जनसंपर्क अभियान शुरू किया जाएगा. इस दौरान युवाओं के बीच जाकर शिक्षा, रोजगार और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया जाएगा.

संगठन का कहना है कि अभियान के जरिए स्थानीय स्तर के मुद्दों को सामने लाने और युवाओं के बीच व्यापक जनसमर्थन तैयार करने की कोशिश होगी.

20 अगस्त से चौरी चौरा से शुरू होगी साइकिल यात्रा

इसके बाद 20 अगस्त 2026 को चौरी चौरा, गोरखपुर से साइकिल यात्रा शुरू होगी. यह यात्रा 2 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में खत्म होगी.

चौरी चौरा से काकोरी तक प्रस्तावित इस यात्रा के दौरान युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, बेरोजगार युवाओं और अलग-अलग सामाजिक समूहों से बातचीत की जाएगी. संगठन शिक्षा और रोजगार से जुड़े स्थानीय मुद्दों को भी सामने लाने की बात कह रहा है.

75 जिलों में 800 से ज्यादा संस्थानों तक पहुंचने का दावा

जस्टिस मोर्चा के मुताबिक, साइकिल यात्रा के साथ अगले 50 दिनों तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान 800 से ज्यादा कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में नुक्कड़ सभाएं, छात्र-युवा बैठकें और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है.

मोर्चा आने वाले समय में युवाओं के सवालों को व्यापक जनआंदोलन में बदलने की दिशा में काम करने की बात कह रहा है. अब असली परीक्षा यही होगी कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर शुरू किया गया यह अभियान युवाओं के बीच कितना असर पैदा कर पाता है.