Saharanpur pradhan protest: सहारनपुर शहर में अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले जिलेभर के ग्राम प्रधानों ने हकीकत नगर स्थित रामलीला ग्राउंड में धरना प्रदर्शन किया. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एकत्रित हुए प्रधानों ने बाद में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रधान शामिल रहे और पंचायतों के कार्यकाल से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया.
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ज्ञापन में बताया गया कि त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल क्रमशः 26 मई 2026 और 19 जुलाई 2026 को समाप्त होने जा रहा है. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समय पर पंचायत चुनाव कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं प्रतीत होता. मतदाता सूची के पुनरीक्षण में देरी, समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की प्रक्रिया लंबित होना तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया का अधूरा रहना इसके मुख्य कारण बताए गए.
“वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें आई थी सामने”
प्रधानों ने कहा कि यदि ऐसी स्थिति में निर्वाचित पंचायतों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा. उन्होंने पूर्व के अनुभवों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि प्रशासकों की नियुक्ति के दौरान पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी के साथ वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आई थीं, जिससे जनता का विश्वास प्रभावित हुआ.
प्रधानों ने दिया अपना तर्क
इसके विपरीत, प्रधानों ने तर्क दिया कि वे सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं और अपने क्षेत्र की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं. इसलिए उन्होंने मांग की कि पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया जाए, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास कार्य प्रभावित न हों.
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