Saharanpur Clash: जनपद के थाना देवबंद क्षेत्र के गांव लालवाला में विवादित जमीन को लेकर हुए बवाल और पथराव मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार यह विवाद गांव की एक आबादी वाली जमीन को लेकर चल रहा था, जिस पर वर्षों से रविन्द्र राणा का कब्जा बताया गया है.
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आरोप है कि कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से पूरे मामले को जातीय रंग देने का प्रयास किया और गांव में तनाव का माहौल बना दिया. पुलिस के मुताबिक रविन्द्र राणा पुत्र रमेश राणा ने तहरीर देकर बताया कि उन्होंने करीब 15 वर्ष पहले गांव निवासी राज सिंह से जमीन खरीदी थी, जिस पर वह लगातार कब्जे में हैं और वहां निर्माण भी कर रखा है. जमीन की कीमत बढ़ने के बाद गांव के कुछ लोगों की नीयत खराब हो गई और उन्होंने दूसरे पक्ष को उकसाकर विवाद खड़ा कर दिया. आरोप है कि रामचंद्र, हिस्ट्रीशीटर शेर सिंह उर्फ शेरा और अन्य लोगों ने सुनियोजित तरीके से गांव में माहौल खराब करने की कोशिश की.
क्या था मामला
तहरीर के अनुसार आरोपियों ने रविदास जयंती के दौरान संत रविदास और डॉ. भीमराव आंबेडकर के बोर्ड लगाकर विवाद को जातीय रूप देने का प्रयास किया. इसके बाद कई बार लाउडस्पीकर से लोगों को इकट्ठा कर उकसाया गया. पुलिस ने पहले भी मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर वापस भेजा था, लेकिन 9 मई को स्थिति हिंसक हो गई. आरोप है कि करीब 40 से 50 महिला-पुरुष ट्रैक्टर, लाठी-डंडे, सरिया, दांव और ईंट-पत्थरों के साथ रविन्द्र के घर पहुंच गए और हमला तथा पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने और ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया गया.
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उपद्रवियों को खदेड़ा और मुकदमा दर्ज किया. मामले में थाना देवबंद पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना शुरू की गई. पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और गवाहों के बयान जुटाए गए हैं, जिनसे घटना की पुष्टि होने की बात कही गई है.जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में माना कि विवादित भूमि पर लंबे समय से रविन्द्र का कब्जा है और वहां आबादी बनी हुई है.
आर्म्स एक्ट समेत कई पुराने आपराधिक मुकदमे दर्ज
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर शेर सिंह उर्फ शेरू पुत्र कबूला और अक्षय पुत्र ऋषिपाल को गिरफ्तार कर लिया है. शेर सिंह पर आर्म्स एक्ट समेत कई पुराने आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. गांव में फिलहाल भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात है व प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
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