सहारनपुर के मीरपुर गांव में हुई एक शादी की चर्चा हर जुबान पर है. चर्चा की वजह कोई शाही इंतजाम नहीं बल्कि दूल्हे के परिवार का वो फैसला है जिसने एक बड़ी नजीर पेश की है. सेना से रिटायर्ड और आर्य जाट समाज विकास समिति के संयुक्त सचिव चौधरी ओमपाल सिंह के बेटे मेजर मधुर चौधरी ने 16 मार्च 2026 को ब्रजमंडल की रहने वाली ज्योति सौरोत के साथ शादी की. ज्योति भी भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर तैनात हैं.
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दहेज के नाम पर लिया सिर्फ एक नारियल और एक रुपया
सेना के दो बड़े अधिकारियों की इस शादी में दहेज के नाम पर कुछ भी स्वीकार नहीं किया गया. परिवार ने शगुन के तौर पर सिर्फ 1 रुपया और एक नारियल लिया. मधुर और ज्योति दोनों ही देश की सेवा में समर्पित हैं, हालांकि सुरक्षा कारणों से उनकी वर्तमान तैनाती की जानकारी को गोपनीय रखा गया है.
इस रिश्ते की शुरुआत किसी मैट्रीमोनी साइट से नहीं, बल्कि एक धार्मिक यात्रा के दौरान हुई. दोनों परिवारों की मुलाकात मथुरा में हुई थी. यहां बातचीत के दौरान ज्योति के परिवार ने अपनी बेटी के लिए योग्य वर की तलाश का जिक्र किया. जब मधुर के परिवार को पता चला कि लड़की सेना में अधिकारी है तो उन्होंने अपने मेजर बेटे के लिए रिश्ता आगे बढ़ाया और देखते ही देखते यह मुलाकात रिश्ते में बदल गई.
दूल्हे के पिता का संदेश- 'बेटियों को गुणवान बनाओ, धनवान नहीं'
दूल्हे के पिता चौधरी ओमपाल सिंह का मानना है कि उनकी बहू ही उनके लिए सबसे बड़ा दहेज है. उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आगे आएं और दहेज जैसी कुरीतियों को खत्म करें.
दूल्हे के पिता चौधरी ओमपाल सिंह ने कहा, "मैं सेना से रिटायर हूं. मेरा बेटा मधुर चौधरी वर्तमान में मेजर रैंक में है. हमने अभी बेटे की शादी की है और हमारी बिटिया जिससे शादी हुई है, वह भी सेना में अधिकारी है. हमने यह शादी सिर्फ 1 रुपये में की है, कोई दहेज नहीं लिया. हमारे मन में था कि समाज को एक मैसेज मिले कि लड़की मां-बाप पर बोझ न बने. परमात्मा ने हमारी इच्छा पूरी की. हम समाज को यही मैसेज देना चाहते हैं कि बच्चों और लड़कियों को पढ़ाओ. बच्चों को गुणवान बनाओ, धनवान नहीं."
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