UP Politics News: दिल्ली, गाजियाबाद, बिजनौर, शाहदरा, प्रतापगढ़, अमरोहा और लखनऊ समेत कई जिलों से जुड़े करीब 30 नेताओं, ग्राम प्रधानों और कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी छोड़कर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) का दामन थाम लिया है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम को सपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. पार्टी छोड़ने वालों में सपा के राष्ट्रीय सचिव जावेद आलम का नाम भी शामिल है.लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर की मौजूदगी में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई. इस दौरान सुभासपा नेताओं ने दावा किया कि पार्टी का संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और अलग-अलग जिलों से लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं.
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कई पदाधिकारी भी हुए शामिल
सुभासपा में शामिल होने वालों में बुनकर मजदूर विकास समिति से जुड़े कई बड़े पदाधिकारी भी शामिल रहे. इनमें शहाबुद्दीन अंसारी, डॉ. मोहम्मद नाजिम अंसारी, ताजुद्दीन अंसारी, खालिद सैफी और अयूब अंसारी समेत कई नेताओं के नाम शामिल हैं. पार्टी का कहना है कि सामाजिक संगठनों और अलग-अलग जिलों से जुड़े लोगों के आने से संगठन को मजबूती मिलेगी.
कई जिलों से पहुंचे नेता और कार्यकर्ता
सदस्यता ग्रहण करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं का संबंध दिल्ली, गाजियाबाद, बिजनौर, शाहदरा, प्रतापगढ़, अमरोहा और लखनऊ समेत कई जिलों से बताया गया है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद रहे. सुभासपा नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में और भी कई लोग पार्टी से जुड़ सकते हैं.
अरुण राजभर ने सपा पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए नारा राजनीतिक जरूरत के हिसाब से बदलता रहता है. अरुण राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अब पीडीए का मतलब 'पार्टी ऑफ डिंपल एंड अखिलेश' बन गया है.
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