दानियल अशरफ और कृष्णा मिश्रा ऐसा क्या प्लान बना रहे थे कि यूपी ATS ने दोनों को दबोच लिया

UP News: उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. एटीएस ने बाराबंकी के दानियाल अशरफ और कुशीनगर के कृष्णा मिश्रा को संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया है.

ATS (Photo: Representational)

आशीष श्रीवास्तव

• 01:01 PM • 08 May 2026

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UP News: उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. एटीएस ने बाराबंकी के दानियाल अशरफ और कुशीनगर के कृष्णा मिश्रा को संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों पिछले करीब पांच महीनों से पाकिस्तानी हैंडलर्स और आईएसआई एजेंटों के संपर्क में थे. एटीएस के मुताबिक दोनों आरोपियों के संबंध पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी और अन्य आईएसआई एजेंटों से जुड़े पाए गए हैं. जांच में सामने आया है कि आरोपी रक्षा प्रतिष्ठानों, महत्वपूर्ण स्थानों और सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील इलाकों की रेकी कर रहे थे. जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों आरोपी वर्दीधारियों की हत्या की साजिश भी रच रहे थे. हालांकि अभी तक किसी बड़े हमले की पूरी योजना सामने नहीं आई है, लेकिन एटीएस इस मामले को गंभीर सुरक्षा खतरे के तौर पर देख रही है.

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विदेश से खातों में आए पैसे

एटीएस को जांच के दौरान दोनों आरोपियों के बैंक खातों में विदेश से पैसे भेजे जाने के सबूत मिले हैं. एजेंसी के अनुसार रकम भले कम थी, लेकिन यह पैसे पाकिस्तानी हैंडलर्स की ओर से भेजे गए थे. अब इन ट्रांजेक्शन की गहराई से जांच की जा रही है.

गिरफ्तार आरोपी कृष्णा मिश्रा हरियाणा के सोनीपत में एक जींस की दुकान पर काम करता था, जबकि दानियाल अशरफ ज्वेलरी शॉप में नौकरी करता था. एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों आतंकी नेटवर्क के संपर्क में कैसे आए और उन्हें निर्देश कौन दे रहा था.

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भेजे मैसेज

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए 100 से ज्यादा युवाओं को कथित देश विरोधी वीडियो और भड़काऊ संदेश भेजे थे. एटीएस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जो इनके संपर्क में थे.

कस्टडी रिमांड की तैयारी में ATS

एटीएस जल्द ही दोनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी. पूछताछ में यह जानने की कोशिश होगी कि उन्हें हथियार किसने दिए, उनके निशाने पर कौन लोग थे और उनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है. फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है और एजेंसी को इस मामले में आगे और बड़े खुलासों की उम्मीद है.