UP News: मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ले में कुछ दिन पहले 35 साल की प्रियंका का शव कमरे में मिला था. युवती की मौत काफी समय पहले हो गई थी. शव गल गया था और बेहद बुरी हालत में था. आरोप था कि युवती के 72 साल के पिता ने बेटी के शव को छिपाया था. वह दुर्गंध छिपाने के लिए शव पर परफ्यूम भी छिड़क रहे थे. पिता ने बेटी के शव को जिस कमरे में रखा था, वहां कूड़ा-कचरा भी डाल दिया था. बता दें कि मामला सामने आने के बाद पुलिस पिता का मानसिक रोग विभाग में इलाज भी करवा रही थी. अब पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया है.
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पिता ने नहीं किया था शव का अंतिम संस्कार
पुलिस के अनुसार, सदर बाजार थाना क्षेत्र में रहने वाले आरोपी उदय भानु विश्वास ने अपनी बेटी प्रियंका की मौत होने पर उसका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार नहीं किया. शव को घर के अंदर रखा और वहां कूड़ा-कचरा डालकर कमरे को बंद कर दिया था. इससे आसपास संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ गई थी.
बता दें कि पुलिस ने इसी मामले को लेकर आरोपी पिता के खिलाफ सदर बाजार थाने में केस दर्ज किया. पिता के खिलाफ धारा- 239/271/301 बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया. इसी के साथ आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया.
4 महीने तक नहीं किया अंतिम संस्कार
आपको बता दें कि 10 अप्रैल को पुलिस ने प्रियंका का शव बरामद किया था. 4 महीने पहले ही उसकी मौत हो गई थी, मगर पिता ने अंतिम संस्कार नहीं किया था. शव को कमरे में ही रखा और कमरा बंद कर दिया. इसके बाद पिता भी गायब हो गए.
10 अप्रैल को उदय भानु के रिश्तेदारों ने उसे एक चाय की दुकान पर बैठे देखा तो उन्होंने उसे पकड़ लिया और उससे बेटी के बारे में पूछताछ की. तब पिता ने बताया कि बेटी की मौत हो चुकी है और उसका शव घर पर ही रखा गया है. फिर पुलिस को सूचना दी गई और घर के अंदर बंद कमरे से ही शव बरामद किया गया. बेटी का शव तब तक कंकाल में बदल चुका था. इस घटना ने हड़कंप मचा दिया था.
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