IPS Ajay Pal Sharma News: सोशल मीडिया पर आईपीएस अजय पाल शर्मा के प्रति दीवानगी कहें या उनके नाम का खौफ, उनसे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात तुरंत वायरल हो जाती है. हाल ही में एक खबर तेजी से फैल रही है कि प्रयागराज के अपर पुलिस आयुक्त (अडिशनल कमिश्नर) अजय पाल शर्मा को डेपुटेशन पर पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा है. लेकिन क्या वाकई 'यूपी के सिंघम' बंगाल जा रहे हैं? आइए आपको इस खबर की विस्तार से सच्चाई बताते हैं.
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दावा क्या है?
विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह पोस्ट शेयर की जा रही है कि प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में तैनात अजय पाल शर्मा अब पश्चिम बंगाल में अपनी सेवाएं देंगे. इसे बंगाल में चुनाव या कानून व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है.
क्या है असलियत?
जब इस खबर की गहराई से जांच की गई और विभागीय सूत्रों से संपर्क किया गया, तो हकीकत कुछ और ही निकली. पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक, अजय पाल शर्मा के बंगाल जाने की खबर पूरी तरह भ्रामक है. मुख्यालय स्तर पर ऐसा कोई भी पत्राचार या आदेश जारी नहीं हुआ है. किसी भी आईपीएस अधिकारी का दूसरे राज्य में डेपुटेशन इतना सरल नहीं होता. इसके लिए मूल राज्य (उत्तर प्रदेश) और संबंधित राज्य (पश्चिम बंगाल) के बीच आपसी सहमति अनिवार्य है.
क्या है सेंट्रल डेपुटेशन का नियम?
नियमानुसार, अजय पाल शर्मा को पहले सेंट्रल डेपुटेशन पर जाना होगा, जिसके बाद ही केंद्र सरकार उन्हें किसी अन्य राज्य में भेज सकती है. यह एक लंबी आधिकारिक प्रक्रिया है, जो अभी किसी भी स्तर पर शुरू नहीं हुई है.
क्या कहते हैं खुद अजय पाल शर्मा?
इस वायरल खबर पर जब अजय पाल शर्मा का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली.
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