Uttar Pradesh Smart Meter News: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को खत्म कर दिया है. अब जून 2026 से उपभोक्ताओं को पोस्टपेड बिल मिलेगा. बकाया भुगतान के लिए 10 आसान किस्तों की सुविधा दी गई है. उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए इसे तत्काल प्रभाव से खत्म करने का आदेश दिया है. अब राज्य के सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में काम करेंगे.
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था में बड़े बदलाव की घोषणा की है. सरकार के इस फैसले के बाद अब उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी और उन्हें पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल उपलब्ध कराया जाएगा.
सरकार ने तय किया है कि अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड पर चलेंगे और बिलिंग की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा. हर महीने की 10 तारीख तक उपभोक्ताओं का बिल जारी कर दिया जाएगा. बिल भरने के लिए उपभोक्ताओं को 15 दिन का समय मिलेगा. इसके बाद 7 दिन की डिस्कनेक्शन अवधि होगी. जिन घरेलू उपभोक्ताओं पर 30 अप्रैल 2026 तक का बकाया है, उन्हें 10 आसान किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी. अन्य श्रेणियों के लिए 40%, 30% और 30% के अनुपात में तीन किस्तों की व्यवस्था की गई है.
15 मई से लगेंगे विशेष कैंप
उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान और सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है. 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे. इन कैंपों में गलत मोबाइल नंबर ठीक किए जाएंगे और स्मार्ट मीटर व बिल से जुड़ी शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाएगा. उपभोक्ता अपना बिल एसएमएस, वॉट्सएप और हेल्पलाइन नंबर 1912 के जरिए भी देख सकेंगे.
अब बिजली कनेक्शन सिर्फ पोस्टपेड मोड में ही जारी किए जाएंगे
अब भविष्य में दिए जाने वाले सभी नए बिजली कनेक्शन सिर्फ पोस्टपेड मोड में ही जारी किए जाएंगे. प्रीपेड सिस्टम में एडजस्ट होने वाली सुरक्षा राशि को अब चार आसान किस्तों में उपभोक्ताओं के मासिक बिल में जोड़ा जाएगा. जहां नेटवर्क या तकनीकी दिक्कतों के कारण ऑटोमैटिक रीडिंग संभव नहीं होगी, वहां एजेंसियां मैनुअल रीडिंग लेंगी.
जून 2026 से लागू होगी पूरी व्यवस्था
ऊर्जा विभाग के अनुसार, रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड होंगे. मई 2026 में खर्च की गई बिजली का पहला पोस्टपेड बिल जून 2026 में जारी किया जाएगा. यह नई व्यवस्था पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम और केस्को कानपुर समेत पूरे प्रदेश में प्रभावी होगी. सरकार का मानना है कि प्रीपेड व्यवस्था में आ रही तकनीकी दिक्कतों और उपभोक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे बिजली वितरण प्रणाली में अधिक पारदर्शिता और सुविधा आएगी.
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