Saharanpur Murder Case: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रामपुर मनिहारण इलाके में मंगलवार को एक युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मरने वाले युवक की पहचान 24 साल के शिवकुमार के रूप में हुई थी. शिवकुमार अपनी पत्नी आकांक्षा को पुलिस भर्ती की परीक्षा दिलाने के लिए परीक्षा केंद्र लेकर आया था. जैसे ही आकांक्षा पेपर देकर कॉलेज के गेट से बाहर निकली और दोनों गाड़ी में बैठकर कुछ ही दूर चले थे तभी पहले से छिपकर बैठे हमलावरों ने शिवकुमार पर गोलियां चला दीं. शिवकुमार की मौके पर ही मौत हो गई. रोती-बिलखती आकांक्षा ने बताया कि उसके अपने ही भाई, मां और मामा ने मिलकर उसके पति को मार डाला है. अब पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले में लड़की की मां और मामा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
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बचपन से एक दूसरे को जानते थे आकांक्षा और शिवकुमार
शिवकुमार और आकांक्षा शामली जिले के एक ही गांव के रहने वाले थे और उनके घर आमने-सामने थे. साल 2020 से दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों एक-दूसरे के साथ अपनी जिंदगी बिताना चाहते थे लेकिन आकांक्षा के परिवार को यह रिश्ता किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं था. भारी विरोध के बावजूद, करीब चार महीने पहले दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर कोर्ट मैरिज कर ली. शादी के बाद गांव में एक पंचायत भी बुलाई गई थी, जिसमें तय हुआ कि शिवकुमार के पिता अपने बेटे-बहू को गांव से दूर भेज देंगे. फैसले के मुताबिक, शिवकुमार अपनी पत्नी आकांक्षा को लेकर उत्तराखंड रहने चला गया था जहां दोनों मिलकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे.
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था शिवकुमार
पड़ोसियों और शिवकुमार के पिता के अनुसार, शिवकुमार का चयन एसएसएफ में हो चुका था. बीती 3 मार्च को उसका जॉइनिंग लेटर भी आ चुका था और वह सिर्फ अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहा था. परिवार को उम्मीद थी कि बेटा सरकारी नौकरी पाकर घर की जिम्मेदारियां संभालेगा और अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करेगा. दूसरी ओर, आकांक्षा भी पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही थी. पड़ोसियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि आकांक्षा की मां इस शादी से इतनी नाराज थी कि उसने पहले ही धमकी दी थी कि वह शिवकुमार को कभी नौकरी नहीं करने देगी, चाहे इसके लिए उसे कुछ भी करना पड़े.
परीक्षा केंद्र तक पहुंच गए कातिल
आकांक्षा का पुलिस भर्ती परीक्षा का सेंटर सहारनपुर के रामपुर मनिहारण में आया था. मंगलवार को शिवकुमार अपनी पत्नी को परीक्षा दिलाने सहारनपुर लेकर पहुंचा. पहली पाली की परीक्षा खत्म होने के बाद जैसे ही आकांक्षा खुशी-खुशी कॉलेज के गेट से बाहर निकली और दोनों गाड़ी में बैठकर कुछ ही कदम आगे बढ़े, तभी बदमाशों ने शिवकुमार को निशाना बनाते हुए गोलियां बरसा दीं. मौके पर मची चीख-पुकार के बीच आरोपी फरार हो गए. आकांक्षा अपने पति के शव के पास बैठकर रोती रही और इंसाफ की गुहार लगाती रही.
पुलिस ने किया आरोपियों को गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस प्रशासन पर आरोपियों की गिरफ्तारी का भारी दबाव था. एसएसपी के निर्देश पर तत्काल कई टीमों का गठन किया गया. गुरुवार शाम को रामपुर मनिहारण पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी. पुलिस ने इस मामले में आकांक्षा की मां विमला, मामा कर्मवीर और एक अन्य सहयोगी रवि को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल 315 बोर का देसी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा भी बरामद कर लिया गया है. पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा कि प्रेम विवाह के कारण गांव में उनकी बदनामी हो रही थी, जिससे गुस्सा होकर उन्होंने सुनियोजित तरीके से शिवकुमार की हत्या कर दी. पुलिस फिलहाल मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.
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