Saharanpur Crime News: यूपी के सहारनपुर में हुए शिव कुमार हत्याकांड में एक ऐसा खौफनाक मोड़ सामने आया है जिसने इस वारदात को और ज्यादा डरावना बना दिया है. पुलिस भर्ती परीक्षा देकर निकली पत्नी आकांक्षा ने जो आंखों देखा हाल बयां किया है उसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं. आकांक्षा का आरोप है कि यह सिर्फ उसके भाई की सनक नहीं थी बल्कि उसके पति की जान लेने के लिए परीक्षा केंद्र के बाहर उसकी मां, बहन, जीजा, मौसा और तीनों मामा बाकायदा डेथ वारंट लेकर घात लगाए बैठे थे. भाई ने जब सटाकर सिर में गोली मारी तो पूरा परिवार तमाशा देख रहा था और चिल्ला रहा था कि 'अब ये बचने नहीं चाहिए.'
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आकांक्षा के अपनों ने ही कर दी पति की हत्या
शामली के बाबरी क्षेत्र के रहने वाले शिव कुमार अपनी पत्नी आकांक्षा को मंगलवार को सहारनपुर के रामपुर मनिहारान स्थित गोचर इंटर कॉलेज में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने लाए थे. परीक्षा खत्म हुई और दोनों स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठकर आगे बढ़े ही थे कि हाईवे के पास मौत ने उनका रास्ता रोक लिया. महज चार महीने पहले लव मैरिज करने वाले इस जोड़े को अंदाजा भी नहीं था कि गाड़ी की खिड़की के बाहर आकांक्षा का अपना सगा भाई मंजीत और पूरा परिवार कत्ल का पूरा खाका खींचकर खड़ा है.
खिड़की से सटाई बंदूक और... खत्म हो गई दुनिया
रोते हुए आकांक्षा ने मीडिया और पुलिस के सामने उस खौफनाक मंजर की एक-एक परत खोली. आकांक्षा ने बताया कि 'मैंने तीन-चार महीने पहले गांव के ही शिव कुमार से अपनी पसंद से शादी की थी. तभी से मेरे घरवाले हमारी जान के दुश्मन बने हुए थे और फोन पर लगातार प्रताड़ित कर रहे थे. गोचर कॉलेज में मेरा पेपर था और मेरे मायके वाले वहां पूरी प्लानिंग के साथ पहुंचे थे.'
आकांक्षा ने आगे कहा कि 'जब हम गाड़ी से वापस जा रहे थे तो रास्ते में उन्होंने गाड़ी घेरी और मेरे भाई मंजीत ने मेरे पति की खिड़की में पिस्तौल सटाकर सीधे सिर में गोली मार दी. गोली भाई ने मारी. लेकिन वहां मेरी मम्मी बिमला, मेरी बहन, जीजा और मौसा खड़े तमाशा देख रहे थे. इतना ही नहीं बाइक पर मेरे तीन मामा करमवीर, धर्मवीर और परमजीत भी आए थे. वे सब चिल्ला रहे थे कि अब ये दोनों बचने नहीं चाहिए और वे मुझे भी जान से मारने की कोशिश कर रहे थे.'
हंसता-खेलता परिवार बिखरा
अचानक हुई इस ताबड़तोड़ फायरिंग से हाईवे पर हड़कंप मच गया. लहू-लुहान शिव कुमार को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. महज कुछ महीने पहले शुरू हुआ आकांक्षा का सुहाग उसकी अपनी ही आंखों के सामने उजड़ गया. मृतक के भाई शिवम कुमार ने भी आकांक्षा के पूरे परिवार को नामजद करते हुए इस सोची-समझी हत्या का सीधा आरोप लगाया है.
कातिल कुनबे की तलाश में पुलिस
घटना की गंभीरता और सांप्रदायिक/पारिवारिक संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी सिटी व्योम बिंदल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे.एसपी सिटी ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने क्राइम सीन से कारतूस के खोखे और अन्य जरूरी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा लिए हैं.
पीड़ित पत्नी और मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर कत्ल और साजिश की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है. वारदात को अंजाम देकर फरार हुए मुख्य आरोपी भाई मंजीत, मां बिमला, मामा और मौसा समेत सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे कातिलों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
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