Saharanpur Hospital Strike: जिला अस्पताल में वेतन भुगतान और अन्य लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी रही. पिछले 48 घंटे से सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण अस्पताल परिसर, वार्डों और इमरजेंसी के आसपास गंदगी का अंबार लग गया है. इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है.
ADVERTISEMENT
धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी श्रीपाल ने बताया कि अस्पताल में कार्यरत 47 कर्मचारियों का वेतन समय पर नहीं दिया जा रहा है. उनका आरोप है कि तीन महीने का वेतन लंबे समय तक लंबित रहा और अब भी शासनादेश के अनुरूप पूरा भुगतान नहीं किया जा रहा. कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें आकस्मिक अवकाश समेत अन्य निर्धारित सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है.
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ से दो वर्षों से भविष्य निधि (पीएफ) कटौती में अनियमितताएं बनी हुई हैं. उनका कहना है कि शासनादेश के अनुसार प्रतिदिन ₹727 के हिसाब से भुगतान होना चाहिए, लेकिन उन्हें निर्धारित दर के अनुसार वेतन नहीं मिल रहा. कर्मचारियों का आरोप है कि अपनी मांगें उठाने पर उन्हें कार्रवाई और नौकरी से निकालने की धमकी भी दी गई, जिसके बाद सभी कर्मचारी सामूहिक रूप से हड़ताल पर बैठ गए. उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
उधर, जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. रवि प्रकाश ने कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने बताया कि भुगतान एजेंसी स्तर पर लंबित था, जबकि अस्पताल प्रशासन की ओर से बिल समय पर भेज दिए गए थे. एजेंसी से बातचीत के बाद जानकारी मिली है कि 22 जुलाई को भुगतान जारी कर दिया गया था और कर्मचारियों के खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया चल रही है.
सीएमएस ने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी को धमकी नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि भुगतान से जुड़ी सभी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित एजेंसी से लगातार संपर्क किया जा रहा है.साथ ही अस्पताल की सफाई व्यवस्था जल्द से जल्द सामान्य कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं.
ADVERTISEMENT











