Saharanpur News: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो चुकी है और इसे सुधारने के लिए छात्रों का आंदोलन जारी रहना चाहिए. उनका कहना था कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं होगा, तब तक इस तरह के आंदोलन चलते रहेंगे.
ADVERTISEMENT
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि यह छात्रों और विपक्ष के संघर्ष की "नैतिक जीत" है. उन्होंने कहा कि सरकार को अपने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने पर मजबूर होना पड़ा, जो इस बात का संकेत है कि जनता और छात्रों की आवाज़ को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल एक मंत्री का इस्तीफा ही समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की आवश्यकता है.
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि इस विषय पर जनता स्वयं सब कुछ समझ रही है. उन्होंने कहा कि वांगचुक ने अपने स्तर पर निर्णय लिया है और इस पर वे कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहते.
अन्ना हज़ारे के मौन रहने को लेकर पूछे गए सवाल पर भी मसूद ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से अन्ना हज़ारे सार्वजनिक मुद्दों पर सक्रिय नहीं दिखे हैं, जिस कारण लोग स्वयं सवाल उठा रहे हैं. इमरान मसूद के इस बयान को शिक्षा व्यवस्था, छात्र आंदोलन और मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
ADVERTISEMENT











