Saharanpur News: सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण, जिला जज की अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी, स्टे पर फैसला सुरक्षित, इस तारीख को अगली सुनवाई

Newzo

• 04:44 PM • 25 Jul 2026

Saharanpur latest news: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध निर्माण घोषित किए जाने के मामले में जिला जज की अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद स्टे आवेदन पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया है, और इस मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त 2026 को होगी.

सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण, अदालत में दलीलें पूरी, स्टे पर फैसला सुरक्षित, 7 अगस्त को अगली सुनवाई

सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण, अदालत में दलीलें पूरी, स्टे पर फैसला सुरक्षित, 7 अगस्त को अगली सुनवाई

Google CTA

Saharanpur News: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध निर्माण घोषित किए जाने के मामले में जिला जज की अदालत में सुनवाई जारी रही. करीब 45 मिनट तक चली सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष और शासकीय पक्ष ने अपने-अपने तर्क विस्तार से अदालत के समक्ष रखे. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मस्जिद पक्ष की ओर से दायर स्थगन (स्टे) आवेदन पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. 

यह भी पढ़ें...

मामले में अगली सुनवाई 7 अगस्त 2026 को होगी. यह विवाद 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा पारित उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध निर्माण मानते हुए 30 दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही मस्जिद प्रबंधन पर 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था. इसी आदेश को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने जिला जज की अदालत में अपील दायर की है.
 
अधिवक्ता जाननिसार ने सुनवाई के बाद बताया कि अदालत में यह तर्क रखा गया कि मस्जिद वर्ष 1911 से पहले से अस्तित्व में है और इसके समर्थन में पुराने अभिलेख, बिजली कनेक्शन सहित अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं. उनका कहना था कि मस्जिद अंग्रेजी शासनकाल से पहले की है और लंबे समय से वहीं स्थित है. अधिवक्ता ने यह भी दलील दी कि संबंधित भूमि के स्वामित्व को लेकर विवाद है. उनके अनुसार सरकार यह साबित नहीं कर सकी है कि भूमि का विधिवत अधिग्रहण किया गया था या उसे किसी वैध प्रक्रिया के तहत प्राप्त किया गया था.

उन्होंने कहा कि भूमि पूर्व जमींदारों की थी और स्वामित्व का प्रश्न अभी न्यायिक विचाराधीन है. मस्जिद पक्ष ने अदालत से सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की है. वहीं, शासकीय पक्ष ने अपने तर्कों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश का समर्थन किया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने स्टे आवेदन पर निर्णय सुरक्षित रखते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को निर्धारित की है.