Raebareli Mandi Bhav 27 July 2026: जिले में कम बारिश और गंगा कटरी क्षेत्र में आई बाढ़ का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है. हरी सब्जियों के दाम लगातार बढ़ने से लोगों का रसोई का बजट बिगड़ गया है. थोक मंडियों में बाहर से आने वाली सब्जियों की कीमतें डीजल की बढ़ी लागत के कारण बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर खुदरा बाजार में देखने को मिल रहा है.
ADVERTISEMENT
सोमवार को शहर के प्रमुख बाजारों में टमाटर 60 रुपये प्रति किलो, करेला 60 रुपये, कद्दू 50 रुपये, बैंगन 40 रुपये, लौकी 40 रुपये और तरोई 40 रुपये प्रति किलो तक बिकी. आलू और प्याज के दामों में भी लगातार तेजी बनी हुई है. व्यापारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आवक कम होने और दूसरे जिलों से माल मंगाने में परिवहन लागत बढ़ने से कीमतों में उछाल आया है.
फल बाजार भी महंगाई की चपेट में है. पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से फलों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे उनके दाम भी बढ़ गए हैं. इसका असर आम उपभोक्ताओं पर साफ दिखाई दे रहा है.
सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने सबसे ज्यादा गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की हरी सब्जियां अब उनकी पहुंच से दूर होती जा रही हैं. यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में महंगाई का असर और बढ़ सकता है.
ADVERTISEMENT











