Raebareli News: जाम से कराह रहा रायबरेली शहर, बेतरतीब वाहनों और अतिक्रमण ने छीना पैदल चलने का हक, प्रशासन बेखबर

Newzo

• 02:11 PM • 25 Jul 2026

Raebareli Traffic News: रायबरेली में बढ़ते जाम, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. प्रमुख बाजारों और चौराहों पर रोजाना यातायात प्रभावित हो रहा है. स्थानीय लोगों ने स्थायी पार्किंग व्यवस्था और अतिक्रमण हटाने की मांग की है, जबकि प्रशासन पर समस्या की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं.

जाम से कराह रहा रायबरेली शहर, बेतरतीब वाहनों और अतिक्रमण ने छीना पैदल चलने का हक

जाम से कराह रहा रायबरेली शहर, बेतरतीब वाहनों और अतिक्रमण ने छीना पैदल चलने का हक

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Raebareli News: शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. मुख्य मार्गों से लेकर प्रमुख बाजारों तक हर समय लगने वाले भीषण जाम से शहर कराह रहा है. आलम यह है कि सड़कों पर अब पैदल चलना भी दूभर हो चुका है. सब्जी मंडी से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक, बेतरतीब ढंग से खड़े वाहन और फुटपाथों पर दुकानों के अतिक्रमण ने स्थिति को और भी विकट बना दिया है. इसके बावजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं.

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​शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार सब्जी मंडी बाजार, डिग्री कॉलेज चौराहा और अस्पताल चौराहा पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब रहती है. इन चौराहों से गुजरना किसी जंग जीतने से कम नहीं है. कचेहरी, प्रमुख अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सरकारी कार्यालयों के आसपास रोजाना हजारों लोग पहुंचते हैं, लेकिन गाड़ियों को पार्क करने के लिए कोई निश्चित जगह नहीं मिलती.

​पार्किंग का अभाव और घटती सड़कें

शहर में लगातार वाहनों की संख्या में बेतहाशा इजाफा हो रहा है, जबकि सड़कों का दायरा सीमित है. नगर में स्थायी पार्किंग का कोई इंतजाम न होने से लोग मजबूरन अपनी गाड़ियां जहां-तहां सड़कों पर ही खड़ी कर देते हैं.

​तनाव का कारण बन रही पार्किंग

जगह न होने के कारण रोजाना वाहन चालकों के बीच पार्किंग को लेकर कहासुनी और झड़प होना आम बात हो गई है. सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहन न सिर्फ यातायात को बाधित करते हैं, बल्कि व्यापारियों के कारोबार पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है.

​अतिक्रमण ने और बढ़ाई आफत

एक तरफ पार्किंग स्थल का न होना और दूसरी तरफ फुटपाथों पर दुकानदारों का पक्का कब्जा इन दोनों समस्याओं ने मिलकर आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है. खरीदारी करने आ रहे लोगों का कहना है कि जब चलने के लिए फुटपाथ ही नहीं बचेंगे, तो वाहन कहां पार्क होंगे?

​प्रशासनिक उदासीनता से रोष

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का आरोप है कि स्थायी पार्किंग स्थल के निर्माण के लिए कई बार ज्ञापन और मांगें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. जगह के अभाव का बहाना बनाकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं. ​यदि जल्द ही शहर में मल्टी-लेवल या व्यवस्थित पार्किंग की कोई स्थायी योजना लागू नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले लेगी.