Raebareli News: रायबरेली में बिक रहा जानलेवा पनीर और खोवा, ब्रांडेड घी में मिला वनस्पति; धनिया में मिले मरे कीड़े

Newzo

• 02:15 PM • 25 Jul 2026

Raebareli Food Adulteration News: रायबरेली में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पनीर, खोवा, देसी घी और धनिया के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं. जांच में मिलावट और मृत कीड़े मिलने का खुलासा हुआ है. विभाग ने संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.

रायबरेली में बिक रहा जानलेवा पनीर और खोवा, ब्रांडेड घी में मिला वनस्पति; धनिया में मिले मरे कीड़े

रायबरेली में बिक रहा जानलेवा पनीर और खोवा, ब्रांडेड घी में मिला वनस्पति; धनिया में मिले मरे कीड़े

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Raebareli News: अगर आप बाजार से पनीर, खोवा या देसी घी खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाइए, थाली में स्वाद बढ़ाने वाली ये चीजें आपकी सेहत बिगाड़ रही हैं. जिला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा भेजे गए सैंपलों की विधि विश्लेषक प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट ने हैरान कर देने वाला खुलासा किया ह. रायबरेली के बाजारों में बिक रहा पनीर और खोवा न सिर्फ मिलावटी है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है. ब्रांडेड देसी घी से लेकर मसाले और रोजमर्रा का सामान तक मानकों पर खरा नहीं उतरा है.

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​प्रयोगशाला की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सलोन के राधानगर स्थित डीके लघु उद्योग के साबुत धनिया के नमूने में मृत कीड़े मिले हैं, जिसके बाद इसे 'असुरक्षित' घोषित कर दिया गया. वहीं, जगतपुर में सबीना की दुकान से लिए गए एक नामचीन ब्रांड के 'प्योर प्रीमियम देसी घी' में वनस्पति घी की मिलावट पाई गई है.

​पनीर और खोवा में न्यूट्रलाइजर की मिलावट

खाद्य सुरक्षा टीम ने मई महीने में रोहनियां के खुरहट स्थित अंकुर डेयरी से पनीर और ऊंचाहार के अरखा स्थित गुप्ता स्वीट्स से खोवा का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था. लैब रिपोर्ट में दोनों ही नमूनों को सेहत के लिए अत्यंत खतरनाक बताते हुए असुरक्षित घोषित किया गया है. पड़ताल में सामने आया कि पनीर और खोवा को खराब होने से बचाने और गाढ़ा करने के लिए उसमें न्यूट्रलाइजर और कार्बोनेट जैसे खतरनाक रसायनों की मिलावट की गई थी.

सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में पनीर, खोवा, देसी घी और धनिया के नमूनों को असुरक्षित घोषित किया गया है. खाद्य कारोबारियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

न्यूट्रलाइजर और कार्बोनेट युक्त खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन करने से पाचन तंत्र खराब हो सकता है और लिवर व किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. विभाग अब इन मिलावटखोरों और असुरक्षित उत्पाद बेचने वाली दुकानों पर शिकंजा कसने और विधिक कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.