Raebareli News: जिले में इस वर्ष सांप के काटने की घटनाओं ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. बीते दो महीनों में ही सर्पदंश के 212 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 20 लोगों की जान चली गई. राहत की बात यह रही कि जिला अस्पताल में समय पर सही इलाज और पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था मिलने के कारण अधिकांश मरीजों को सुरक्षित बचा लिया गया. अकेले जुलाई माह में ही सर्पदंश के 142 पीड़ित जिला अस्पताल पहुंचे.
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9 मृतकों के आश्रितों को मिली आर्थिक मदद
सर्पदंश से हुई 20 मौतों में से 9 मामलों में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान कर दी है. इसके अलावा लगभग 10 मामलों में सहायता की प्रक्रिया चल रही है. तहसीलों से रिपोर्ट प्राप्त होते ही 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है. हालांकि, पोस्टमार्टम न कराने के कारण 20 से अधिक मामले खारिज कर दिए गए हैं.
सर्पदंश से मृत्यु पर आर्थिक सहायता पाने की प्रक्रिया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का मुख्य कारण 'सर्पदंश' स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, पुलिस पंचनामा, वारिसान प्रमाण पत्र और आवेदक की बैंक पासबुक की प्रति के साथ लेखपाल अपनी रिपोर्ट तैयार कर तहसील भेजते हैं.
तहसीलदार की संस्तुति के बाद फाइल जिलाधिकारी को भेजी जाती है. डीएम की अंतिम स्वीकृति मिलते ही सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है.
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