Chhatron Ki Goonj: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से सीधा संवाद किया है. इस दौरान छात्रों ने राहुल गांधी के सामने अपना दर्द और गुस्सा खुलकर जाहिर किया है. कई सालों से नौकरी का इंतजार कर रहे अजय और अविनाश नाम के छात्रों ने बताया कि कैसे पेपर लीक और नॉर्मलाइजेशन जैसी प्रक्रियाएं उनका भविष्य बर्बाद कर रही हैं. छात्रों ने सरकार की नीतियों, परीक्षा रद्द होने और बेरोजगारी के कारण होने वाली मानसिक पीड़ा को सबके सामने रखा है.
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'पेपर लीक और नॉर्मलाइजेशन सबसे बड़ा घोटाला'
UPSI की तैयारी कर रहे छात्र अजय राघव ने राहुल गांधी को बताया है कि 'यूपीएसआई की भर्ती 5 साल बाद आती है. 2020-21 की भर्ती में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ था, सैकड़ों एफआईआर दर्ज हुईं और डमी कैंडिडेट पकड़े गए थे, लेकिन फिर भी भर्ती पूरी कर दी गई.' अजय ने कहा कि 'वह एक किसान परिवार से हैं और 4 साल से दरोगा बनने का सपना देख रहे हैं.' उन्होंने आरोप लगाया कि 'परीक्षा में रॉ मार्क्स और नॉर्मलाइजेशन मार्क्स नहीं बताए जाते और कौन सा फॉर्मूला इस्तेमाल हो रहा है, यह किसी को नहीं पता होता है.' अजय ने दावा किया कि 'नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पेपर लीक से भी बड़ा स्कैम है.'
'जनता दरबार गए तो जेल में डाल दिया'
अजय ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि भर्ती बोर्ड (UPPRPB) की कोई जिम्मेदारी तय नहीं है. जब वे अपनी शिकायत लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार गए और मंत्रियों को ज्ञापन दिया, तो उनकी सुनवाई होने के बजाय उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया गया. उन्होंने कहा कि उनका सिर्फ इतना गुनाह था कि वे अपने हक की मांग करने गए थे.
'2018 से खाली बैठे हैं, कोई वैकेंसी नहीं'
अविनाश ने बताया कि 'वह 2018 से शिक्षक भर्ती और 2022 से यूपी ट्रिपल एससी (UPSSSC) की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन आज तक कई भर्तियां अटकी पड़ी हैं.' उन्होंने कहा कि 'यूपी में सरकार के पास खाली पद हैं, फिर भी वैकेंसी नहीं निकाली जा रही हैं.' छात्र लाठियां खा रहे हैं, ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन सरकार कुछ नहीं सुन रही है. छात्रों ने राहुल गांधी के सामने मांग रखी कि चुनाव की तरह भर्तियों का भी एक प्रॉपर कैलेंडर होना चाहिए, जिससे तय समय पर परीक्षाएं और रिजल्ट आ सके.
'पेपर लीक होता है तो मुंह छिपाना पड़ता है'
जब राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा कि पेपर लीक होने पर उन्हें कैसा महसूस होता है, तो अविनाश ने रुंधे गले से कहा, 'सर, 10/10 के कमरे में बैठकर सोचिए कि जब सालों की मेहनत के बाद पेपर लीक हो जाता है, तो हम किसको अपना मुंह दिखाएं? किससे जाकर कहें कि हमारा पेपर लीक हो गया है?' छात्रों ने कहा कि अमीर लोग पैसे देकर पेपर खरीद लेते हैं और गरीब छात्रों का भविष्य खत्म हो जाता है.
योगी सरकार पर लगाया पेपर लीक का आरोप
अजय राघव ने सीधे तौर पर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से अब तक कई परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं. उन्होंने 2017 दरोगा भर्ती, 2018 यूपी कांस्टेबल, 2021 यूपीएसआई, 2022 लेखपाल भर्ती, 2023 आरओ-एआरओ (RO-ARO) और 2023 कांस्टेबल भर्ती के पेपर लीक होने का उदाहरण दिया है. अंत में छात्रों ने राहुल गांधी को युवाओं की आवाज उठाने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि सारा युवा उनके साथ खड़ा है.
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