Umashankar Singh last Rite: बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद आज उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई है. उमाशंकर सिंह लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके चलते उनकी मौत हुई है. मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को गुरुवार देर रात लखनऊ से पैतृक गांव खनवर लाया गया. इसके बाद आज उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई है, जिसमें कई लोग शामिल हुए हैं. यात्रा के दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम रहीं.
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अंतिम दर्शन को उमड़ा भारी जनसैलाब
विधायक उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर जैसे ही घर से बाहर रखा गया, लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई अपने नेता की एक अंतिम झलक पाने के लिए बेताब दिखा. गांव की गलियां 'उमाशंकर सिंह अमर रहे' के नारों से गूंज उठीं. स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया. मौके पर जिले के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान भी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आए.
शिवरामपुर घाट पर राजकीय सम्मान
उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा उनके गांव से होते हुए जिले के शिवरामपुर घाट में ले जाई गई. प्रशासन ने उनके अंतिम संस्कार के लिए सारी तैयारियां की हैं. शिवरामपुर घाट पर ही पूरे राजकीय सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनकी चिता को मुखाग्नि दी गई. अंतिम यात्रा में शामिल हर कोई हाथ जोड़कर और फूल चढ़ाकर अपने इस चहेते नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.
गरीबों के मसीहा को नम विदाई
उमाशंकर सिंह को इलाके में गरीबों का मसीहा कहा जाता था. अंतिम यात्रा में पहुंचे स्थानीय निवासी रॉयल कुमार और अभिमन्यु यादव ने बताया कि विधायक जी बहुत ही सरल स्वभाव के थे. वह छोटे से छोटे आदमी की बात सुनते थे और बिना किसी भेदभाव के सबकी मदद करते थे. लोगों का कहना है कि ऐसा सादगी भरा नेता अब दोबारा मिलना बहुत मुश्किल है. उनके जाने से रसड़ा की राजनीति का एक अहम अध्याय हमेशा के लिए खत्म हो गया है.
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