प्रयागराज की जिला अदालत में माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद और उसके करीबी सहयोगी अशद कालिया के खिलाफ चल रहे एक रंगदारी व जानलेवा हमले के मामले में अहम कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई है. अदालत में अली अहमद और अशद कालिया के बयान दर्ज कर लिए गए हैं. मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा कारणों को देखते हुए अदालत ने दोनों मुख्य आरोपियों को व्यक्तिगत हाजिरी से छूट देते हुए आगे की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए कराने का निर्देश दिया है.
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अगस्त 2023 का मामला: पीड़ित अफजल से मांगी गई थी रंगदारी
यह पूरा मामला अगस्त 2023 का है, जब पीड़ित अफजल नाम के व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप है कि अली अहमद, अशद कालिया और तीसरे साथी अल्तमश ने अफजल से भारी रंगदारी की मांग की थी. जब पीड़ित ने रंगदारी देने से इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया और जान से मारने की धमकी दी. इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रंगदारी, जानलेवा हमला और आपराधिक साजिश की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था.
तीसरे आरोपी अल्तमश का बयान बाकी, 28 सितंबर को अगली सुनवाई
अदालत की कार्रवाई के दौरान अली अहमद और अशद कालिया के बयान दर्ज होने से मामले की विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ी है. हालांकि, केस के तीसरे आरोपी अल्तमश का बयान दर्ज होना अभी बाकी है, क्योंकि सुनवाई के समय उसके वकील अदालत में उपस्थित नहीं हो सके थे. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तिथि तय की है.
सुरक्षा के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का फैसला
माफिया अतीक अहमद के गिरोह से जुड़े मामलों में सुरक्षा हमेशा से एक बड़ा और संवेदनशील मुद्दा रही है. रंगदारी और जानलेवा हमले जैसे संगीन आरोपों के कारण जेल में बंद अली अहमद और अशद कालिया को कोर्ट में लाने और ले जाने के दौरान सुरक्षा जोखिम बना रहता है. इसी को ध्यान में रखते हुए अदालत ने दोनों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने से छूट दी है, जिससे अब 28 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में दोनों आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही पेश होंगे.
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