Agra Road Pothole: उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में सड़कों की हालत इतनी खराब हो गई है कि अब यह स्मार्ट सिटी कम और ‘गड्ढा नगरी’ ज्यादा बन गई है. आगरा की सड़कों पर आपको चलने के लिए बहुत ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. शहर की सड़कें सीधे आपको पाताल लोक का पता बता रही हैं. आगरा में जगह कुछ दिनों पहलने एक बड़ा हादसा हुआ था, उसी जगह से कुछ ही दूरी पर सड़क में 10 से 15 फीट गहरा और 8 से 10 फीट लंबा एक और बड़ा गड्ढा बन गया है. यह गड्ढा सड़क निर्माण में हुए भारी भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है.
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गड्ढे में उतरे सपा नेता
विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण अब इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के नेता नितिन कोहली इस बड़े गड्ढे का मुआयना करने मौके पर पहुंचे और खुद उस गड्ढे के अंदर उतर गए. इससे पहले भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह सड़क के गड्ढे में उतरकर ‘पाताल लोक का सफर’ दिखा रहे थे. नितिन कोहली का कहना है कि आगरा स्मार्ट सिटी के बजाय गड्ढा नगरी बन गया है और यहां के अधिकारी, विधायक और पार्षद सब गायब हैं.
कूड़े और मलबे से भरे जा रहे गड्ढे
स्थानीय लोगों और सपा नेता ने बताया कि कुछ दिन पहले डी ब्लॉक की सड़क भी इसी तरह धंस गई थी. लेकिन प्रशासन की लापरवाही देखिए, इन खतरनाक गड्ढों को डलावघर (कूड़ाघर) की मिट्टी, कूड़े और मलबे से भरा जा रहा है. ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि कूड़े से भरे गए इन गड्ढों के दोबारा धंसने में कितना समय लगेगा? यह प्रशासन के काम करने के तरीके और लीपापोती पर बड़ा सवाल खड़े करता है.
सांस्कृतिक आयोजन के लिए बनी थी सड़क
जिस सड़क पर यह 15 फीट गहरा गड्ढा हुआ है, वह बीते साल जनकपुरी नाम के एक बड़े सांस्कृतिक आयोजन के लिए दोबारा बनाई गई थी. सीवर का काम होने के बाद भी सड़क में ऐसे गड्ढे हो रहे हैं. गनीमत यह रही कि जिस समय यह सड़क धंसी, उस वक्त वहां से कोई वाहन या व्यक्ति नहीं गुजर रहा था, वरना किसी की जान भी जा सकती थी. लोगों का कहना है कि यह इंजीनियरिंग का फेलियर और ठेकेदारों की घोर लापरवाही है.
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर उठे सवाल
लगातार धंसती सड़कों से स्थानीय लोग भी बहुत गुस्से में हैं. लोगों का कहना है कि नगर निगम के इंजीनियर लाखों रुपये की तनख्वाह लेते हैं, लेकिन सड़कों की क्वालिटी शून्य है. एक महीने पहले गड्ढा हुआ और अब फिर हो गया, लेकिन स्थानीय पार्षद आज तक मौके पर देखने नहीं आईं, जबकि वह उसी कॉलोनी में रहती हैं. अब लोगों की मांग है कि आगरा की सभी सड़कों का सेफ्टी ऑडिट (सुरक्षा जांच) कराया जाए और इस भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
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