सरकारी नौकरी के लिए दौड़ा BTech पास शिवम यादव, फिनिस लाइन से 50 मीटर पहले गिरकर हुई मौत

यूपी तक

21 Sep 2026 (अपडेटेड: 21 Sep 2026, 12:57 PM)

Moradabad Home Guard Recruitment: मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की 4800 मीटर दौड़ के दौरान बरेली के 27 वर्षीय कंप्यूटर साइंस इंजीनियर शिवम यादव की अचानक गिरने से मौत हो गई. पिता के मुताबिक, समय पर मेडिकल सुविधा नहीं मिली, जबकि पुलिस ने बताया कि शिवम को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया.

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Moradabad Home Guard Recruitment: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की दौड़ के दौरान एक बेहद दुखद घटना घटी, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है. बरेली का रहने वाला 27 साल का एक कंप्यूटर साइंस इंजीनियर, शिवम यादव, सरकारी नौकरी की उम्मीद में इस दौड़ में शामिल हुआ था. 4800 मीटर की इस दौड़ में उसे 28 मिनट में कुल 12 राउंड पूरे करने थे. शिवम 11 राउंड बहुत ही सफलतापूर्वक पूरे कर चुका था, लेकिन अपने लक्ष्य से महज 50 मीटर दूर 12वें राउंड में वह अचानक लड़खड़ाकर जमीन पर गिर पड़ा. बाउंड्री के बाहर खड़े होकर सब कुछ देख रहे उसके पिता के सामने ही यह दर्दनाक हादसा हुआ. आनन-फानन में शिवम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. 

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पिता के सामने ही गिर पड़ा बेटा

बरेली से शिवम के साथ उसके पिता मनोज सिंह यादव भी मुरादाबाद की 9वीं पीएसी वाहिनी के ग्राउंड पहुंचे थे. पिता बाउंड्री वॉल के बाहर से अपने बेटे को दौड़ते हुए देख रहे थे. जब शिवम आखिरी राउंड में डगमगाने लगा, तो पिता ने चिल्लाकर पुलिस वालों से उसे रोकने की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया. शिवम लड़खड़ाते हुए नीचे गिर गया. पिता का आरोप है कि वहां न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई मेडिकल कैंप लगा हुआ था.

सरकारी नौकरी का था सपना

शिवम पढ़ाई-लिखाई में बहुत मेधावी था. उसने बीटेक और बीएड भी किया हुआ था और कॉलेज टॉपर रह चुका था. 3 साल पहले ही उसकी धूमधाम से शादी हुई थी और उसकी एक दो साल की बेटी भी है. कई सरकारी नौकरियों में अप्लाई करने के बाद जब उसे सफलता नहीं मिली, तो उसने होमगार्ड भर्ती में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया था. लेकिन, किसे पता था कि यह दौड़ उसकी जिंदगी की आखिरी दौड़ बन जाएगी. शिवम के पिता ने रोते हुए सरकार से गुहार लगाई है कि उसके परिवार और दो साल की बेटी के भविष्य के लिए सरकार की तरफ से कुछ मदद दी जाए.

मेडिकल व्यवस्था पर उठे सवाल

शिवम के पिता ने रोते हुए भर्ती बोर्ड की व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन में कोई डॉक्टर या मेडिकल कैंप क्यों नहीं लगाया गया था? उनका मानना है कि अगर समय पर प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी. दूसरी तरफ, इस घटना पर मुरादाबाद पुलिस का बयान भी सामने आया है. पुलिस ने कहा है कि दौड़ के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से शिवम गिर गया था और उसे तुरंत एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया था. पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा.