Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने बीजेपी को दरारवादियों का गुट और एक गैंग बताते हुए कहा कि यूपी की जनता ने इस बार उनका सफाया करने का मन बना लिया है. अखिलेश ने बेरोजगारी, महंगाई, और चुनाव आयोग की निष्पक्षता जैसे कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरा है. उन्होंने साफ कहा कि अगर बीजेपी के नेता अपने सारे झगड़े गोमती नदी में भी बहा दें, तो भी बनारस जाकर उनका 'डबल इंजन' वाला दावा फेल होकर 'डबल जीरो' ही हो जाएगा. अखिलेश यादव ने अमित शाह और योगी सरकार पर भी तीखे सवाल दागे हैं.
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मॉक पार्लियामेंट और चुनाव आयोग पर सवाल
दिल्ली में हो रहे 'मॉक पार्लियामेंट' (सांकेतिक संसद) के आयोजन पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जब सरकार किसी की नहीं सुनती, तो ऐसा आयोजन करना पड़ता है. उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए. अखिलेश ने कहा, "मॉक पार्लियामेंट के जरिए हम यह संदेश देना चाहते हैं कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और यह लोकतंत्र और संविधान के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है." उन्होंने बीजेपी से पूछा कि वह महिला आरक्षण बिल को लागू क्यों नहीं कर रही है और संसद में अहम मुद्दों पर बहस से क्यों बचती है.
अमित शाह और कानून व्यवस्था पर निशाना
गृह मंत्री अमित शाह द्वारा यूपी की योगी सरकार और कानून व्यवस्था की तारीफ करने पर अखिलेश ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री को इस बात की चिंता होनी चाहिए कि सबसे ज्यादा कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौतें) यूपी में क्यों हो रही हैं. अखिलेश ने कहा, "यूपी में महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं, दलितों और अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न हो रहा है. डायल 100 जैसी बेहतरीन सुविधा को इस सरकार ने बर्बाद कर दिया है." उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यूपी में एक नई कहावत चल रही है, "हथेली गरम और पुलिस नरम."
प्राइमरी स्कूल बंद करने पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे पर भी बीजेपी सरकार की जमकर आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने 26,000 प्राइमरी स्कूलों को बंद कर दिया है और अब उन बंद स्कूलों की जगह पर शराब के ठेके खोलने की तैयारी चल रही है. स्वास्थ्य सुविधाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी जानबूझकर सरकारी अस्पतालों की स्थिति खराब कर रही है ताकि प्राइवेट अस्पतालों को बढ़ावा मिले. उन्होंने गोरखपुर एम्स (AIIMS) के डायरेक्टर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होने की घटना का भी जिक्र करते हुए सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए.
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