Abaan Ahmed funeral: माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बड़े भाई अली अहमद को झांसी जेल से प्रयागराज के लिए रवाना किया गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट से पेरोल मिलने के बाद भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच अली अहमद को बंदी वाहन से प्रयागराज ले जाया गया है. अली के साथ ही लखनऊ जेल में बंद उसके दूसरे भाई उमर अहमद को भी पैरोल मिली है.
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भाई की मौत से सदमे में है अली
अबान 6 अगस्त को अपने दोस्तों के साथ झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से ही मिलने जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार कार के डिवाइडर से टकराने के कारण उसकी और उसके दोस्त सोनू की दर्दनाक मौत हो गई थी. घटना के बाद आबान के शव को पोस्टमार्टम के बाद प्रयागराज लाया गया. भाई की मौत की खबर सुनकर अली अहमद काफी सदमे में था.
हाईकोर्ट ने दी पेरोल को मंजूरी
आबान की मौत के बाद अतीक अहमद के परिजनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करके लखनऊ जेल में बंद उमर और झांसी जेल में बंद अली की पेरोल मांगी थी. 7 अगस्त को हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ दोनों भाइयों को अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत दे दी है.
भारी सुरक्षा में निकला बंदी वाहन
हाईकोर्ट से आदेश मिलने के बाद सभी को इंतजार था कि अली अहमद कब झांसी से निकलेगा. आज कड़ी सुरक्षा के बीच अली को झांसी से प्रयागराज ले जाया गया है. बंदी वाहन को पूरी तरह से कवर किया गया है. अली की गाड़ी के आगे पुलिस प्रोटेक्शन की दो गाड़ियां और पीछे एक गाड़ी चल रही हैं.
अंतिम संस्कार के बाद होगी वापसी
झांसी से प्रयागराज की दूरी लगभग 600 से 650 किलोमीटर है और इस सफर में करीब 6 से 7 घंटे का समय लगेगा. कोर्ट की शर्तों के मुताबिक, अली अहमद अपने भाई के जनाजे (अंतिम संस्कार) में केवल 45 मिनट तक ही शामिल हो सकेगा. इसके तुरंत बाद पुलिस उसे वापस लेकर झांसी जेल के लिए रवाना हो जाएगी. आज शाम तक अबान अहमद को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा.
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