Umashankar Singh Death: बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर पार्टी सुप्रीमो मायावती ने गहरा दुख जताया है. लंबी बीमारी के बाद हुए उनके निधन से पूरी पार्टी में शोक है. मायावती उमाशंकर सिंह को अपना भाई जैसा मानती थी. उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरी पार्टी उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है. इसके साथ ही मायावती ने यह बड़ा ऐलान भी किया कि अगर परिवार चाहेगा, तो वह उमाशंकर सिंह के बेटे को राजनीति में लेकर आएंगी और उन्हें पूरा सम्मान देंगी.
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उतार-चढ़ाव में नहीं दिया धोखा
मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह एक बिजनेसमैन थे. अक्सर देखा जाता है कि जब भी सत्ता बदलती है, तो कई बिजनेसमैन अपनी पार्टी बदल लेते हैं. बसपा में कई उतार-चढ़ाव आए और बहुत से लोगों ने पार्टी को धोखा दिया, लेकिन उमाशंकर सिंह ने कभी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा. उन्होंने हमेशा अपनी ईमानदारी और वफादारी का परिचय दिया.
सगी बहन की तरह मानते थे
बसपा सुप्रीमो ने भावुक होते हुए बताया कि उमाशंकर सिंह उन्हें अपनी सगी बहन की तरह मानते थे. रक्षाबंधन के दिन चाहे वह लखनऊ में हों या दिल्ली में, उमाशंकर सिंह हमेशा उनसे राखी बंधवाते थे. मायावती ने बताया कि बीमारी की हालत में भी वह उनसे मिलने घर आ गए थे, क्योंकि उन्हें अपनी बहन की याद आ रही थी.
बेटे को राजनीति में लाएंगी
परिवार का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह की पत्नी, बेटा, बेटी और सभी रिश्तेदार आज बेहद दुखी हैं. उनका पूरा परिवार मेरा बहुत आदर-सम्मान करता है. मायावती ने आश्वासन दिया कि अगर परिवार की इच्छा होगी, तो वह उनके बेटे को राजनीति में लाएंगे और उमाशंकर सिंह की जगह पर उन्हें पूरा महत्व और बढ़ावा देंगी.
रसड़ा की जनता का रखा ध्यान
बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट के बारे में मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह ने जब भी वहां से चुनाव लड़ा, हमेशा जीत हासिल की है. उन्होंने अपने क्षेत्र और समाज का हमेशा बहुत अच्छे से ध्यान रखा है. वह हर सुख-दुख में जनता के साथ खड़े रहते थे. उनके जाने से पार्टी के साथ-साथ रसड़ा की जनता को भी बहुत बड़ा नुकसान हुआ है. मुझे पूरी उम्मीद है कि वहां की जनता भी उनके बेटे को आगे बढ़ाना चाहेगी.
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